बार-बार के बिजली कट से मिलेगा छुटकारा ? घर पर लगवाएं हाइब्रिड सोलर सिस्टम, जानें कितने KW रहेगा फायदेमंद

 | 
बार-बार के बिजली कट से मिलेगा छुटकारा ? घर पर लगवाएं हाइब्रिड सोलर सिस्टम, जानें कितने KW रहेगा फायदेमंद

Udaipur Times, New Delhi : गर्मी के मौसम में घरों में बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आपके इलाके में बार-बार बिजली कटौती होती है, तो यह परेशानी और बढ़ सकती है। बिजली जाने की समस्या से राहत पाने के लिए कई लोग घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने का विकल्प चुन रहे हैं। हालांकि, अगर आपके इलाके में लगातार बिजली कटती है, तो केवल सामान्य सोलर सिस्टम की बजाय हाइब्रिड सोलर सिस्टम आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

बार-बार बिजली कटती है तो हाइब्रिड सोलर सिस्टम क्यों बेहतर?

हाइब्रिड सोलर सिस्टम की खासियत यह है कि इसमें सोलर पैनल के साथ बैटरी बैकअप भी होता है। दिन के समय सोलर पैनल से बनने वाली बिजली का इस्तेमाल घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है। जरूरत से ज्यादा बिजली बनने पर उसे बैटरी में स्टोर किया जा सकता है।

जब ग्रिड की बिजली चली जाती है, तो सिस्टम बैटरी में स्टोर बिजली का इस्तेमाल करके घर के जरूरी उपकरणों को चलाने में मदद करता है। इससे बिजली कटने के दौरान पंखे, लाइट, राउटर और अन्य जरूरी उपकरणों का बैकअप मिल सकता है।

हाइब्रिड सोलर सिस्टम के क्या हैं फायदे?

हाइब्रिड सोलर सिस्टम लगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे बिजली बिल में बचत के साथ-साथ बिजली कटौती के दौरान बैकअप भी मिल सकता है। खासकर उन इलाकों में जहां दिन में कई बार बिजली जाती है, वहां बैटरी बैकअप काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

हालांकि, बैटरी की क्षमता और बैकअप का समय इस बात पर निर्भर करता है कि आप एक साथ कितने उपकरण चलाना चाहते हैं और उनका कुल लोड कितना है।

कितने किलोवाट का सोलर सिस्टम लेना होगा आपके लिए सही?

सोलर सिस्टम की क्षमता का चुनाव घर की बिजली खपत और इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के आधार पर करना चाहिए। कम बिजली खपत वाले घरों में 1 से 2 किलोवाट का सिस्टम पर्याप्त हो सकता है। वहीं, अगर घर में एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और अन्य ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपकरण हैं, तो 5 किलोवाट या उससे ज्यादा क्षमता वाले सिस्टम पर विचार किया जा सकता है।

अगर आपका मुख्य उद्देश्य बिजली कटौती के दौरान बैकअप लेना है, तो केवल सोलर पैनल की क्षमता ही नहीं, बल्कि बैटरी की क्षमता पर भी ध्यान देना जरूरी है। सिस्टम खरीदने से पहले अपने घर का कुल लोड और बिजली की औसत खपत का आकलन कराने के बाद ही सॉलर पैनल सिस्टम खरीदे ताकि आपको बार- बार पावर कट की समस्या का सामना न करना पड़े।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News