जमीन और मकान का नक्शा पास कराना हुआ अब बिल्कुल आसान ! जाने क्या हुआ बदलाव ?
Udaipur Times, Land and House Map : यूपी वासियों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने संपत्तियों के भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, नए शासनादेश के तहत अब लोगों को अपनी जमीन का इस्तेमाल (जैसे आवासीय से व्यावसायिक) बदलने के लिए लखनऊ के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की 17 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड बैठक में इस नए शासनादेश को अंगीकृत करने की तैयारी है।
जानकारी के मुताबिक पता चला है की प्रक्रिया सरल होने के बाद भी भूउपयोग का लाभ उन कालोनी के निवासियों को नहीं मिल पाएगा जिनकी कालोनी का मानचित्र यानी लेआउट स्वीकृत है। ऐसे लोग यदि अपनी आवासीय भूमि पर व्यावसायिक कार्य करना चाहते हैं तो उन्हें प्रभाव शुल्क जमा करके मिश्रित भूउपयोग के तहत कार्य करना पड़ेगा।
इसके अलावा नए नियमों का सबसे बड़ा लाभ उन फ्री-होल्ड प्लाट के मालिकों को मिलेगा जो प्राधिकरण की किसी अप्रूव्ड लेआउट या योजना का हिस्सा नहीं हैं। या फिर प्राइवेट बिल्डर की स्वीकृत कालोनियों में नहीं रहते। गढ़ रोड या बाईपास जैसे क्षेत्रों में स्थित संपत्तियों और बिना लेआउट वाली कालोनियों के लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
मिली जानकारी के अनुसार, प्राधिकरण की अप्रूव्ड कालोनियों (जैसे शास्त्री नगर, गंगा नगर, शताब्दी नगर) में रहने वाले लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे। अप्रूव्ड कॉलोनियों के निवासी अपने आवासीय भूखंड का लैंड यूज बदलकर कमर्शियल नहीं करा सकते । हालांकि वे बिल्डिंग बायलाज के तहत एक निश्चित इम्पैक्ट फीस देकर अपनी बिल्डिंग में कमर्शियल गतिविधि करने की अनुमति मांग सकते हैं, लेकिन उनका मूल लैंड यूज आवासीय ही रहेगा। उन्हें मिश्रित भूउपयोग का लाभ दिया जाएगा, जिसके अनुसार आवासीय के साथ ही सिर्फ कुछ हिस्सा व्यावसायिक या अन्य को अनुमति मिलेगी।