गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे UP और बिहार की दूरी को करेगा कम, दिल्ली NCR से भी सफर होगा आसान
Udaipur Times, Ghazipur-Ballia-Manjhighat Greenfield Expressway : उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए अच्छी खबर है। दोनों राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बहुत तेज होने वाली है। बिहार और यूपी के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए जल्द ही 'गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे' (NH-31) शुरू किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अपने आखिरी चरण में है।
लगभग 133 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को सीधे बिहार बॉर्डर से जोड़ेगा। इसके शुरू होने के बाद, गाजीपुर से मांझीघाट तक का सफर जिसमें अभी लगभग चार घंटे लगते हैं। घटकर सिर्फ डेढ़ घंटे का रह जाएगा। साथ ही, इससे लखनऊ से पटना तक का सफर चार घंटे में पूरा हो सकेगा और दिल्ली-NCR से यात्रा करना भी आसान हो जाएगा।
स्थानीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा और पूरे क्षेत्र में ट्रांसपोर्टेशन बनेगा आसान
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी ने व्यक्तिगत रूप से इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। X पर लिखते हुए उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को नई रफ़्तार मिल रही है। बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर तेज़ी से पूरा होने की ओर बढ़ रहा है। यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के ज़रिए गाज़ीपुर, बलिया और बिहार बॉर्डर के बीच सीधा और तेज-रफ़्तार लिंक बनाएगा। UPEIDA की देखरेख में जमीन अधिग्रहण के कुशल काम की वजह से, यह कॉरिडोर यात्रा के समय को काफी कम करेगा, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देगा और पूरे क्षेत्र में ट्रांसपोर्टेशन को आसान बनाएगा।
पूर्वांचल और बिहार को जोड़ने वाला हाई-स्पीड कॉरिडोर
लगभग ₹5,500 करोड़ की लागत से बन रहे इस 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को भविष्य में छह लेन तक बढ़ाने के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है। इसका मुख्य मकसद पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार के बीच तेज़ और आसान सड़क कनेक्टिविटी देना है। यह कॉरिडोर गाज़ीपुर ज़िले के हृदयपुर से शुरू होगा, बलिया से गुज़रेगा और मांझीघाट तथा बिहार बॉर्डर पर रेवेलगंज बाईपास तक जाएगा। इसके अलावा, बिहार में बक्सर तक सीधी कनेक्टिविटी देने के लिए 17 किलोमीटर लंबा बक्सर लिंक भी बनाया जा रहा है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से होगा सीधा कनेक्शन
इस प्रोजेक्ट की एक खास बात पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से इसका सीधा कनेक्शन है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जहां खत्म होता है, यानी गाज़ीपुर के हैदरीया पॉइंट से, एक कनेक्टिंग लिंक रोड के ज़रिए ट्रैफ़िक सीधे गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट कॉरिडोर तक पहुंच सकेगा।
लखनऊ से पटना का सफर हो जाएगा बहुत आसान
इससे लखनऊ से बिहार का सफ़र काफ़ी आसान हो जाएगा। एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद, लखनऊ से पटना का सफ़र लगभग 4 से 4.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जबकि अभी इसमें 8 से 9 घंटे लगते हैं।
दिल्ली से पटना का सफर भी आसान होगा
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-NCR से पटना और बिहार के कई अन्य ज़िलों तक यात्रा को भी आसान बनाएगा। हालाँकि यह एक्सप्रेसवे सीधे दिल्ली से नहीं जुड़ेगा, लेकिन दूसरे हाई-स्पीड कॉरिडोर के ज़रिए यहाँ तक पहुँचना आसान हो जाएगा। दिल्ली से आने वाले यात्री इस नए ग्रीनफ़ील्ड कॉरिडोर से यात्रा करने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे दिल्ली-NCR से पटना तक एक लगातार एक्सप्रेसवे नेटवर्क बन जाएगा। अनुमान है कि इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने पर दिल्ली से पटना का सफ़र का समय घटकर लगभग 12-13 घंटे रह जाएगा।
84% से 88% काम पूरा हो चुका पूरा
NHAI के अनुसार, प्रोजेक्ट का 84% से 88% काम पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य को कई पैकेज में बांटा गया है।
पैकेज-1 (हृदयपुर से शाहपुर): यहां निर्माण कार्य पूरा होने वाला है।
पैकेज-2 (शाहपुर से पिंडारी):यहां ज़्यादातर काम पहले ही पूरा हो चुका है।
पैकेज-3 (पिंडारी से रेवेलगंज बाईपास, मांझी): मिट्टी भरने और समतल करने का काम अंतिम चरण में है।
बक्सर से कनेक्टिविटी कैसे बनेगी?
इस एक्सप्रेसवे के साथ-साथ 17 किलोमीटर लंबा बक्सर स्पर लिंक बनाया जा रहा है। इससे बलिया से आने वाला ट्रैफ़िक सीधे बक्सर पहुँच सकेगा। आगे चलकर, यह रूट प्रस्तावित बक्सर-पटना-भागलपुर एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा। इससे पटना, बक्सर और भागलपुर जैसे शहरों तक पहुंचना और आसान हो जाएगा, साथ ही बिहार और पूर्वांचल क्षेत्र के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। एक्सप्रेसवे के खुलने से गाज़ीपुर, बलिया, बैरिया, बक्सर और छपरा जैसे शहरों में व्यापार और निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।