जीवन में संस्कार देने से बनता है जीवन मीठा
आचार्य हेमचन्द्र सूरीश्वर महाराज ने कहा कि जिस प्रकार दूध में शक्कर डालने से,मुंह में चोकलेट डालने से मीठा बनता है

आचार्य हेमचन्द्र सूरीश्वर महाराज ने कहा कि जिस प्रकार दूध में शक्कर डालने से,मुंह में चोकलेट डालने से मीठा बनता है ठीक उसी प्रकार जीवन में संस्कार डालने से जीवन मीठा बन जाता है।
वे आज आयड़ स्थित आयड़ तीर्थ में प्रवेश के पश्चात आयोजित धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होेंने कहा कि मुनि सुव्रतस्वामी जैन धर्म के 20 वें तीर्थंकर थे। उन्होेंने कहा कि शहर में 70 से अधिक जैन मंदिर होंगे लेकिन भगवान सुव्रत स्वामी का सर्वप्रथम जिन मंदिर का निर्माण हुआ था।
उन्होेंने कहा कि शनि ग्रह सुव्रत स्वामी का सेवक होने के कारण इस दिन शनि की पूजा आराधान करने वाले व्यक्ति की दशा में सुधार होगा और न्यू भूपालपुरा में होने वाली इस प्रतिष्ठा के पश्चात प्रत्येक शनिवार को यहाँ पर श्रद्धालुओं का हुुजूम उमड़ेगा।
इस अवसर पर कल्याण बोधि सूरी म.सा. एवं अनन्त पुण्यविजय म.सा. ने भारतीय संस्कृति और माता-पिता के उपकार विषय पर बोलते हुए कहा कि बेटा एक घर को रोशन करता है जबकि बेटियां दो घर का। इसलिए बेटियों को बचाया जाना चाहिये। इसके लिए जीवन में शिक्षण के साथ-साथ संस्कार का भी होना आवश्यक है।
