Udaipur Times, Gurugram Global City : गुरुग्राम में विकसित की जा रही ग्लोबल सिटी को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के प्रमुख मार्गों से जोड़ने के लिए व्यापक कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इस इंटीग्रेटेड टाउनशिप को द्वारका एक्सप्रेसवे, NH-48 (दिल्ली-जयपुर हाईवे), पटौदी रोड और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, ताकि भविष्य में ट्रैफिक जाम की समस्या से बचा जा सके।
यह टाउनशिप गुरुग्राम के पश्चिमी सेक्टरों में विकसित हो रही है, जहां कार्यालय, आवासीय क्षेत्र, होटल, रिटेल स्पेस और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। निर्माण कार्य के साथ-साथ बाहरी सड़क नेटवर्क को भी तेजी से विकसित किया जा रहा है।
कई मार्गों से होगी आसान पहुंच
योजना के तहत द्वारका एक्सप्रेसवे तक ग्रेड-सेपरेटेड इंटरचेंज और अंडरग्राउंड लिंक बनाया जाएगा। वहीं, नरसिंहपुर के पास एक नई चौड़ी आर्टेरियल रोड के जरिए NH-48 से सीधा संपर्क स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा पटौदी रोड के माध्यम से मानेसर और KMP एक्सप्रेसवे तक भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
ट्रैफिक दबाव होगा कम
शहरी परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के लिए एक ही हाईवे पर निर्भर रहने के बजाय कई प्रवेश और निकास मार्ग होना जरूरी है। इससे ट्रैफिक का दबाव विभाजित होगा, आपातकालीन सेवाओं को सुविधा मिलेगी और माल परिवहन भी बेहतर होगा।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सड़कें चौड़ी करने से टिकाऊ शहरी परिवहन संभव नहीं होगा। इसके लिए मास ट्रांजिट, पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए बेहतर सुविधाएं भी विकसित करनी होंगी।
तेजी से आगे बढ़ रहा पहला चरण
अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के पहले चरण का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है और शेष कार्य अगले एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के चालू होने पर यहां बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू होंगी और हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
रियल एस्टेट को भी मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी से आसपास के सेक्टरों में रियल एस्टेट निवेश बढ़ेगा और नए व्यावसायिक केंद्र विकसित होंगे। साथ ही, जल प्रबंधन, सार्वजनिक परिवहन, हरित क्षेत्र और जलवायु-अनुकूल शहरी विकास जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, सड़क और हाईवे कनेक्टिविटी से जुड़े विभिन्न हिस्सों का निर्माण अलग-अलग एजेंसियों द्वारा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। ग्लोबल सिटी की सफलता केवल तेज सड़क संपर्क पर नहीं, बल्कि टिकाऊ और समग्र शहरी विकास मॉडल पर निर्भर करेगी।