बजट अच्छा लेकिन उद्योगों के लिए ठीक नहीं
उदयपुर सीए शाखा के पूर्व उपाध्यक्ष देवेन्द्र सोमानी ने बजट 2014 को मिला जुला बताया। उन्होंने बजट में किए गए प्रावधानों से इसे रक्षा/बीमा/इन्फ्रा/अक्षय ऊर्जा/ रियल ऐस्टेट/ पिं्रट मिडिया के लिए फायदेमंद एवं केपिटल मार्केट एवं ज्वेलरी क्षेत्र के लिए नकारात्मक रहा है।
उदयपुर सीए शाखा के पूर्व उपाध्यक्ष देवेन्द्र सोमानी ने बजट 2014 को मिला जुला बताया। उन्होंने बजट में किए गए प्रावधानों से इसे रक्षा/बीमा/इन्फ्रा/अक्षय ऊर्जा/ रियल ऐस्टेट/ पिं्रट मिडिया के लिए फायदेमंद एवं केपिटल मार्केट एवं ज्वेलरी क्षेत्र के लिए नकारात्मक रहा है।
यह बजट 100 स्मार्ट सिटी की घोषणा से इन्फ्रा एवं रियल एस्टेट सेक्टर के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा, रक्षा एवं बीमा क्षेत्र के लिए 49 प्रतिशत करने एवं प्रिंट मीडिया को सेवा कर से दूर रखकर इन क्षेत्रों के लिए यह बजट फायदेमंद रहा है। निवेशकों को सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स एवं कमोडिटी ट्रांजेक्शन टैक्स के बारे में बाजार को जो उम्मीदें थी, वह इस बजट से पूरी नहीं हुई।
सोने पर आयात शुल्क में कटौती की कोई घेषणा नहीं करने से इस क्षेत्र को निराशा हाथ लगी है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की घोषणा का फैसला इस वर्ष के अंत तक टाल दिया गया है।
आम आदमी के लिए एवं वरिष्ठजनों के लिए आयकर की सीमा 50,000 से बढ़ाना, गृह ऋण पर ब्याज की सीमा 1.50 लाख से बढ़ाकर 2 लाख एवं निवेश की राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख कर आम आदमी को राहत प्रदान की गई है। बजट अच्छा है पर उद्योगों की अत्यधिक उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता है।