हरियाणा-राजस्थान और बिहार समेत 10 राज्यों के लिए खुशखबरी, जल्द बिछेंगी 2 नई रेल लाइन, यहां बनेंगे 6 नए रेलवे स्टेशन
Udaipur Times, Railway News : दिल्ली-यूपी और बिहार समेत 10 राज्यों के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। उत्तर प्रदेश 10 राज्यों के विकास की धुरी बनने वाला है। गाजियाबाद से सीतापुर तक तीसरी व चौथी रेल लाइन प्रोजेक्ट को मंजूरी के बाद PM मोदी की कैबिनेट ने इसे सीतापुर से बढ़ाकर बुढ़वल तक करने का निर्णय लिया है।
जानकारी के मुताबिक, तीसरी व चौथी लाइन का विस्तार प्रस्तावित सीतापुर से बुढ़वल तक 96 KM लंबे सेक्शन पर आर्थिक गलियारे का चिकननेक बनेगा। यह औद्योगिक नगरी लुधियाना से दानकुनी तक पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर का भी विकल्प बनेगा। Railway News
मिली जानकारी के अनुसार, अभी दो रेल लाइन का नेटवर्क गाजियाबाद से सीतापुर तक है। इस पर मुरादाबाद-हरदोई होकर लखनऊ और मुरादाबाद-रोजा होकर बुढ़वल, देहरादून, जम्मूतवी और पंजाब की ओर से मुरादाबाद होकर आने वाली ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों का दबाव बहुत अधिक रहता है।
जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद से सीतापुर और फिर सीतापुर से बुढ़वल तक तीसरी व चौथी लाइन बिछने के बाद हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड के बने उत्पादों को उत्तर प्रदेश जैसे बड़े बाजार में लाना आसान होगा। Railway News
वहीं कोई भी माल बिना देरी के ही बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल को भी बिना देरी के जल्दी पहुंचाया जा सकेगा। इस तीसरी व चौथी लाइन के पूरे प्रोजेक्ट में नई लाइन और स्टेशन बनेंगे। यह नए स्टेशन न्यू हापुड़, न्यू मुरादाबाद, न्यू रामपुर, न्यू बरेली, न्यू शाहजहांपुर और न्यू सीतापुर होंगे। यह प्रोजेक्ट चार साल में पूरा होगा। इस प्रोजेक्ट के बाद सालाना 36 मिलियन टन माल ढुलाई बढ़ेगी।
मिली जानकारी के अनुसार, इससे लाजिस्टिक लागत में हर साल 2877 करोड़ रुपये की बचत होगी। साथ ही 264 लाख मानव दिवस का रोजगार भी मिल सकेगा। गाजियाबाद की मशीनरी, इलेक्ट्रानिक्स और फार्मा, मुरादाबाद के पीतल और हैंडीक्राफ्ट, शाहजहांपुर के फर्नीचर, टेक्सटाइल व कारपेट, सीतापुर की दरी जैसे उद्योंगों को बढ़ावा मिलेगा। Railway News
बनेगा नया रूट
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ से सीतापुर अभी सिंगल लाइन है। हरदोई सेक्शन पर ट्रेनाें का दबाव बहुत अधिक है। ऐसे में यह तीसरी व चौथी लाइन का प्रोजेक्ट लखनऊ के लिए भी संजीवनी बनेगा। लखनऊ से सीतापुर सेक्शन की डबलिंग करके वहां से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, जम्मू कश्मीर के लिए नए रूट का विकल्प तैयार होगा। इसस बड़ा फायदा ये भी होने वाला है की इस नए रूट पर कई ट्रेनों को शिफ्ट किया जा सकेगा।
बचेगा समय
मिली जानकारी के अनुसार, रोजा जंक्शन पर सीतापुर, हरदोई और उन्नाव-बालामऊ सेक्शन की तीन लाइनों का लोड एक साथ होता है। ऐसे में ट्रेनों की औसत गति प्रभावित होती है। ट्रेनें एक से दो घंटें तक बंचिंग (एक सेक्शन पर कई ट्रेनों का फंसना) का शिकार होती हैं। Railway News
जानकारी के मुताबिक, तीसरी और चौथी लाइन पर मालगाड़ियों के साथ-साथ ट्रेनों को शिफ्ट किया जा सकेगा। इससे दबाव कम होगा और ट्रेनों का लखनऊ से दिल्ली और जम्मू कश्मीर तक समय बच सकेगा।
पर्यटन का केंद्र
मिली जानकारी के अनुसार, अयोध्या धाम के बाद अब नैमिष धाम आने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है। Railway News तीसरी व चौथी लाइन का नेटवर्क दूधेश्वरनाथ, गढ़मुक्तेश्वर और हरिद्वार को नैमिष धाम से जोड़ेगा, बल्कि इससे भविष्य में नैमिष धाम-अयोध्या-काशी विश्वनाथ की धार्मिक यात्रा के लिए तैयार होने वाले नए सर्किल को भी लाभ मिलेगा। जानकारी के मुताबिक, सीतापुर धार्मिक पर्यटन का केंद्र बिंदु बनेगा।
