राजस्थान के किसानों के लिए खुशखबरी, कृषि विभाग ने 32 संगठनों से किया समझौता
Udaipur Times, Rajasthan News: 10 जुलाई 2026 । राजस्थान में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, टिकाऊ और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक पहल हुई। कृषि विभाग ने कुल 32 संगठनों नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल मार्केटिंग (NIAM) सहित 10 अग्रणी एग्रीटेक स्टार्टअप्स तथा 20 प्रतिष्ठित सिविल सोसाइटी संगठनों (CSOs) के साथ समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए। Rajasthan News
यह साझेदारी प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, कृषि नवाचार, आधुनिक तकनीकों के प्रसार तथा किसानों की आय में सतत वृद्धि के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस आयोजन का लक्ष्य राजस्थान को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती का हब बनाना है जिसके लिए प्रदेश भर में खेत बचाओ अभियान भी चलाया गया। Rajasthan News
पंत कृषि भवन, जयपुर में आयोजित इस महत्वपूर्ण समारोह की अध्यक्षता प्रमुख शासन सचिव, कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल ने की। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए सरकार, अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स, सिविल सोसाइटी संगठनों और किसानों के बीच मजबूत सहभागिता आवश्यक है। यही सोच इस ऐतिहासिक साझेदारी का आधार बनी है। Rajasthan News
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल मार्केटिंग (NIAM) द्वारा पीएम RKVY योजना के अंतर्गत 25 स्टार्टअप्स को 25 लाख रुपए तक का, 25 स्टार्टअप्स को 5 लाख रुपए तक का तथा चार विद्यार्थियों को 4 लाख रुपए प्रति विद्यार्थी स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रतिवर्ष अनुदान दिया जाता है। मणिपाल यूनिवर्सिटी द्वारा एआई में उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। इस एमओयू के तहत कृषि कार्यों में एआई का उपयोग करने से कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी। Rajasthan News
आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने बताया कि प्रदेश में 87 लाख से अधिक किसानों की फार्मर आईडी बनवाई जा चुकी है। राजसमंद एवं सिरोही में फर्टिलाइजर सेल्स एप्लीकेशन सिस्टम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुभारंभ किया गया है इस सिस्टम के माध्यम से किसानों को उनकी फार्मर आईडी के आधार पर अनुदानित उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। किसानों को एक ही प्लेटफॉर्म पर विभागीय योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए राज किसान साथी ऐप पर डेढ़ सौ से अधिक मॉड्यूल विकसित किए गए हैं।
लाखों किसानों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ
इन समझौता ज्ञापनों का लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। किसानों को प्राकृतिक एवं जलवायु अनुकूल खेती की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे खेती की लागत घटेगी, उत्पादकता बढ़ेगी तथा मृदा स्वास्थ्य एवं जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले किसानों को तकनीकी सहायता, प्रमाणन, मूल्य संवर्धन तथा बेहतर विपणन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर विकसित होंगे। Rajasthan News
विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसान, महिला किसान, युवा किसान तथा जनजातीय क्षेत्रों के कृषकों को इन साझेदारियों का अधिक लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण, प्रदर्शन प्लॉट, किसान समूहों का गठन, तकनीकी मार्गदर्शन तथा स्थानीय स्तर पर सतत सहयोग के माध्यम से कृषि को अधिक व्यवहारिक एवं परिणामोन्मुख बनाया जाएगा।
