राजस्थान के किसानों के लिए खुशखबरी: ULI से आसान होगा कृषि ऋण

FPO को बैंकिंग सहायता पर बड़ा मंथन
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Agriculture Loan Scheme Rajasthan

 

Udaipur Times, Rajasthan News: 17 जुलाई 2026। राजस्थान सरकार के राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन द्वारा योजना भवन में शुक्रवार को "कृषि मूल्य शृंखलाओं एवं किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के लिए बैंकिंग सहायता" विषय पर राज्य स्तरीय वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया गया। Rajasthan News

कार्यशाला का उद्देश्य कृषि अवसंरचना, मूल्य संवर्धन, खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण, लॉजिस्टिक्स तथा किसान उत्पादक संगठनों के लिए संस्थागत वित्त तक पहुंच को सुदृढ़ बनाकर किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना रहा। Rajasthan News

कार्यशाला में FPO एवं कृषि मूल्य शृंखलाओं के वित्तपोषण में आने वाली प्रमुख चुनौतियों की पहचान करते हुए संस्थागत ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। इनमें कटाई उपरांत अवसंरचना जैसे वेयरहाउस, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, छंटाई एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में निवेश को प्रोत्साहित करना, फसल पैटर्न एवं बाजार की आवश्यकता के अनुरूप जिला-विशिष्ट ऋण योजनाएं तैयार करना, जलवायु अनुकूल कृषि अवसंरचना के लिए वित्तपोषण को बढ़ावा देना तथा क्लस्टर आधारित एवं एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) मॉडल पर आधारित वित्तीय सहायता को प्रोत्साहित करना शामिल है। Rajasthan News

कार्यशाला के दौरान कृषि क्षेत्र में उपलब्ध अप्रयुक्त ऋण क्षमता के बेहतर उपयोग, विशेष रूप से कटाई उपरांत अवसंरचना संबंधी चुनौतियों के समाधान, जिला-विशिष्ट कृषि मूल्य शृंखलाओं को सुदृढ़ बनाने तथा कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। Rajasthan News

इस अवसर पर आरबीआई, नाबार्ड एवं एसएलबीसी द्वारा किसान उत्पादक संगठनों और कृषि मूल्य शृंखलाओं के लिए संचालित विभिन्न केंद्र एवं राज्य सरकार की ऋण-संबद्ध योजनाओं की जानकारी दी। इनमें यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (यूएलआई), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (पीएमएफएमई), कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) तथा नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद (एनडब्ल्यूआर) वित्तपोषण जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि यूएलआई के माध्यम से डिजिटल ऋण वितरण प्रणाली को गति मिलेगी तथा ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। Rajasthan News

इसके अतिरिक्त डिजिटल ऋण मूल्यांकन प्रणाली एवं तकनीक आधारित ऋण प्लेटफॉर्म का विस्तार कर संस्थागत वित्त तक किसानों और एफपीओ की पहुंच आसान बनाने, एफपीओ की तकनीकी क्षमता एवं वित्तीय साक्षरता को मजबूत करने के लिए क्षमता निर्माण, हैंडहोल्डिंग सहायता और व्यवसाय विकास सेवाओं को बढ़ावा देने तथा कृषि अवसंरचना निधि, पीएमएफएमई, एनडब्ल्यूआर वित्तपोषण सहित अन्य ऋण-संबद्ध योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अभिसरण पर भी बल दिया गया।

कार्यशाला के समापन पर सभी विभागों, वित्तीय संस्थानों एवं किसान उत्पादक संगठनों ने आपसी समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने, कृषि अवसंरचना एवं कृषि मूल्य शृंखलाओं में निवेश को गति देने तथा संस्थागत ऋण प्रवाह का विस्तार कर किसानों की आय वृद्धि एवं 'विकसित राजस्थान-2047' के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी,भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा अन्य प्रमुख हितधारकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

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