गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे से बदलेगी तस्वीर ! 133 गांवों की जमीनों का होगा अधिग्रहण, कीमतें छूएंगी आसमान

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गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे से बदलेगी तस्वीर ! 133 गांवों की जमीनों का होगा अधिग्रहण, कीमतें छूएंगी आसमान 

Udaipur Times, Gorakhpur-Panipat Expressway : उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है। हाल ही में 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने के बाद अब 750 किलोमीटर लंबे गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Panipat Expressway) की चर्चा तेज हो गई है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनने की ओर बढ़ रहा है और इसके जरिए पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के बीच सड़क संपर्क पहले से कहीं बेहतर हो जाएगा।

750 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे

प्रस्तावित गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Panipat Expressway) की लंबाई करीब 750 किलोमीटर होगी। यह छह लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में जरूरत पड़ने पर आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे से भी लंबी होगी।

22 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से होकर गुजरेगा। रिपोर्ट के मुताबिक इसका रूट सिद्धार्थनगर से शुरू होकर संत कबीर नगर, गोरखपुर, कुशीनगर, बलरामपुर, बहराइच, अयोध्या, लखनऊ, शाहजहांपुर, बदायूं, मुरादाबाद, मेरठ और शामली होते हुए हरियाणा के पानीपत तक जाएगा। इससे पूर्वांचल के लोगों को दिल्ली-एनसीआर तक तेज और सुगम सड़क संपर्क मिलेगा।

12-14 घंटे की जगह 7-8 घंटे में पहुंचेगा सफर

फिलहाल गोरखपुर से दिल्ली या हरियाणा तक सड़क मार्ग से पहुंचने में 12 से 14 घंटे का समय लगता है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद यही दूरी करीब 7 से 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

भूमि अधिग्रहण का काम शुरू

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश के करीब 133 गांवों की भूमि इस परियोजना से प्रभावित होगी। भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

दिल्ली-NCR और हरियाणा से बेहतर कनेक्टिविटी

यह एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा से जोड़ेगा। इसके बनने से माल ढुलाई, औद्योगिक गतिविधियों, कृषि उत्पादों की आवाजाही और व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही पर्यटन और निवेश के नए अवसर भी विकसित होंगे।

प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मिलेगी नई मजबूती

उत्तर प्रदेश पहले से ही कई बड़े एक्सप्रेसवे का केंद्र बन चुका है। हाल ही में शुरू हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) ने दोनों शहरों के बीच यात्रा समय को करीब तीन घंटे से घटाकर लगभग 40 मिनट कर दिया है। अब गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे राज्य के सड़क नेटवर्क को और मजबूत करेगा तथा पूर्वांचल के विकास को नई रफ्तार देगा।

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