सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! सैलरी में हो सकती है बड़ी बढ़ोतरी, पेंशनर्स को भी मिल सकता है फायदा ?
Udaipur Times, 8th Pay Commission : केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। कर्मचारी संगठनों ने आयोग से हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में व्यापक बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि तेजी से बढ़ते किराए और महंगाई के बीच मौजूदा HRA व्यवस्था अब कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है।
क्यों बढ़ी HRA में बदलाव की मांग?
देश के बड़े शहरों में मकान किराया लगातार बढ़ रहा है, जिससे सरकारी कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा HRA बाजार दरों के मुकाबले काफी कम है, इसलिए इसे नई आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित किया जाना चाहिए।
HRA में प्रस्तावित 5 बड़े बदलाव
कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने पांच प्रमुख सुझाव रखे हैं—
1. शहरों के हिसाब से नए HRA रेट
X श्रेणी के शहर (50 लाख से अधिक आबादी): मूल वेतन का 40%
Y श्रेणी के शहर (5 लाख से 50 लाख आबादी): मूल वेतन का 35%
Z श्रेणी के शहर (5 लाख से कम आबादी): मूल वेतन का 30%
2. महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ा जाए HRA
सुझाव दिया गया है कि HRA को सीधे DA से जोड़ा जाए, ताकि महंगाई बढ़ने पर HRA भी स्वतः बढ़ता रहे।
3. हर पांच साल में शहरों का पुनर्वर्गीकरण
शहरों की आबादी और किराए में होने वाले बदलाव को देखते हुए हर पांच साल में शहरों की श्रेणी तय करने की मांग की गई है।
4. वास्तविक किराए के आधार पर HRA
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि HRA को वास्तविक मकान किराए के अधिक करीब लाया जाना चाहिए।
5. पेंशनर्स को भी मिले HRA का लाभ
कई कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स संस्थाओं ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी HRA का लाभ देने की मांग की है।
कर्मचारियों और पेंशनर्स को क्या होगा फायदा?
अगर ये प्रस्ताव मंजूर होते हैं तो—
कर्मचारियों को बढ़ते मकान किराए से राहत मिलेगी।
HRA में समय-समय पर स्वतः बढ़ोतरी होती रहेगी।
बड़े शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को ज्यादा आर्थिक सहायता मिलेगी।
पेंशनर्स को भी आवास खर्च में राहत मिल सकती है।
अभी क्या है स्थिति?
8वां वेतन आयोग 3 नवंबर 2025 को गठित किया गया था। आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। फिलहाल आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है।
आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई हैं, जबकि प्रोफेसर पुलक घोष अंशकालिक सदस्य और पंकज जैन सदस्य सचिव हैं।
फिलहाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन HRA में बदलाव की मांग ने 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं को नई दिशा दे दी है।
