विद्या भवन में भारत सरकार का कार्यक्रम

देश में प्रति वर्ष 22 लाख विद्यार्थी तकनीकी व व्यावसायिक उच्च शिक्षा प्राप्त करते है तथा 12 लाख विद्यार्थी पॉलिटेक्निक शिक्षा प्राप्त करते है। यह विद्यार्थी गुणवता पूर्ण, प्रभावी शिक्षा प्राप्त कर सके इसके लिये तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षकों की सीखने, पढ़ाने व प्रशिक्षण देने की क्षमता का विकास भारत सरकार करना चाहती है। कार्यक्रम का उद्घाटन और पहला परिचय सेशन पॉलिटेक्निक सभागार में डॉ. पूनिया द्वारा किया गया।

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विद्या भवन में भारत सरकार का कार्यक्रम देश में प्रति वर्ष 22 लाख विद्यार्थी तकनीकी व व्यावसायिक उच्च शिक्षा प्राप्त करते है तथा 12 लाख विद्यार्थी पॉलिटेक्निक शिक्षा प्राप्त करते है। यह विद्यार्थी गुणवता पूर्ण, प्रभावी शिक्षा प्राप्त कर सके इसके लिये तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षकों की सीखने, पढ़ाने व प्रशिक्षण देने की क्षमता का विकास भारत सरकार करना चाहती है। कार्यक्रम का उद्घाटन और पहला परिचय सेशन पॉलिटेक्निक सभागार में डॉ. पूनिया द्वारा किया गया।

इस दृष्टि से विडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से देश भर के हजारों शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उत्तर भारत में आगामी मार्च महीने तक बीस हजार शिक्षकों को सूचना एवं संप्रेषण तकनीकी के माध्यम से प्रशिक्षित किया जायेगा। यह विचार राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, चंडिगढ़ के निदेशक डा.एम पी.पूनिया ने व्यक्त किये।

डॉ. पूनिया विद्या भवन पॉलिटेक्निक सभागार में दक्षिणी राजस्थान के पॉलिटेक्निक शिक्षकों को विडियों कान्फ्रेन्सिंग से संबोधित कर रहे थे। डॉ. पूनिया ने कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण में हेन्ड्स ऑन, माइन्ड्स ऑन तथा हर्ट्स ऑन की अवधारणा के आधार पर कार्य करना होगा तथा विद्यार्थियों को प्लानिंग, एक्सप्लोर, प्रेक्टिस तथा परफोर्म इन चार स्तरों के लिये दक्ष बनाना होगा।

विद्या भवन में भारत सरकार का कार्यक्रम

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्या भवन के अध्यक्ष रियाज तहसीन ने कहा कि निरन्तर सीखने की प्रक्रिया ही एक अच्छा तकनीकी शिक्षक निर्मित करती है। भारत सरकार के इस कार्यक्रम से तकनीकी शिक्षण प्रशिक्षण की गुणवता में निश्चित रूप से सुधार होगा।

पॉलिटेक्निक के प्राचार्य अनिल मेहता ने बताया कि पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण के प्रथम दिन डा. पी. के. तुलसी ने निर्देशों एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण पर, डा. एस. के. भट्टाचार्य ने उद्योगों की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण व शिक्षण पर व्याख्यान दिये।

कार्यक्रम में उदयपुर, डुंगरपुर, बांसवाड़ा, चितौड़गढ़, राजसमन्द से प्रतिभागी सम्मिलित हैं।

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