भारतीय सिन्धु सभा, राजस्थान, उदयपुर व श्री झूलेलाल सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में रविवार सुबह को *सिन्धी भाषा एंवं सांस्कृतिक दिवस* व *सिन्धी भाषा स्वर्ण जयंती समापन समारोह* शक्ति नगर स्थित झूलेलाल भवन में बड़े हर्ष और उत्साह के साथ झूलेलाल भवन, शक्ति नगर में मनाया गया।
भारतीय सिन्धु सभा की , प्रताप नगर, जवाहर नगर, सेक्टर-9, कोठी बाग , इकाइयों के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सिन्धी संस्कृति की झलक पेश कर बुजुर्गों व उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभा के अध्यक्ष नानकराम कस्तूरी ने आये हुए सभी पंचायतें के पृमुख अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के प्रमुख वक़्ता वरिष्ठ समाजसेवी प्रभु दास पाहुजा ने कहा कि सिन्धियों ने विभाजन का दुःख सहकर भी पूरी दुनिया में फैलकर अपने को स्थापित कर बड़े-बड़े काम किए, जिसका लोहा सारी दुनिया मानती है ।
समीति के अध्यक्ष प्रताप राय चुघ नें कहा कि कई वर्षों के संघर्ष के बाद अब सिन्धी समाज स्थापित हो चुका है और अब अपनी भाषा और संस्कृति के विकास की ओर ध्यान देने लगा है। राजस्थान सिन्धी अकादमी अध्यक्ष हरीश राजानी ने कहा कि सिन्धियों ने देश के विकास में बड़ी भूमिका निभाई है और अब राजनीति में भी समाज को खासकर युवाओं को भाग लेना चाहिए।
सभा के प्रदेश प्रभारी मनोहर लाल कालरा ने सिन्धी भाषा स्वर्ण जयंती साल में रथयात्राओं के आयोजनों व अन्य कार्यक्रमों के सिन्धी संस्कृति की विस्तृत जानकारी दी। संभाग प्रभारी जयपाल साधवानी ने आये हुए सभी लोगों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का संचालन सुरेश कटारिया ने किया।
इस अवसर पर सिन्धीयत के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले श्री किशन बजाज को भी उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उदयपुर शहर की सभी सिन्धी पंचायतें व युवा संगठनों के पदाधिकारियों के साथ गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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