राशन की दुकान चलाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, FSSAI ने किया बड़ा बदलाव
Udaipur Times, FSSAI Rule : राशन की दुकान चलाने वालों के साथ डिस्ट्रीब्यूटर के साथ खाने-पीने सामानों से जुड़े छोटे व्यापारियों के लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लाइसेंसिंग और पंजीकरण) विनियम, 2011 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। ये बदलाव खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत अधिसूचित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों पर अनुपालन का बोझ कम करना और आवश्यक खाद्य सुरक्षा एवं ट्रेसबिलिटी मानकों को बनाए रखना है।
अब सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर लागू होंगे FIFO और FEFO नियम
पहले सभी लाइसेंसधारी खाद्य कारोबारियों के लिए स्टॉक प्रबंधन और रिकॉर्ड रखने के लिए 'फर्स्ट इन फर्स्ट आउट' (FIFO) और 'फर्स्ट एक्सपायरी फर्स्ट आउट' (FEFO) नियमों का पालन करना अनिवार्य था। नए संशोधन के बाद ये नियम केवल खाद्य निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) से जुड़े कारोबारों पर ही लागू होंगे।
सरकार का मानना है कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए निर्माण इकाइयों में इन नियमों का पालन जरूरी है।
रिटेलर्स और छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत
नए नियमों के तहत रिटेलर्स और अन्य गैर-निर्माण खाद्य कारोबारियों को इन रिकॉर्ड और स्टॉक रोटेशन संबंधी नियमों से छूट दी गई है। इससे विशेष रूप से छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों (एसएमई) पर अनुपालन का बोझ कम होगा और उन्हें कारोबार करने में आसानी मिलेगी।
'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने कहा कि यह कदम खाद्य क्षेत्र में नियामकीय सुधारों के व्यापक एजेंडे का हिस्सा है। इसका उद्देश्य जोखिम-आधारित और परिणाम-केंद्रित नियमन को बढ़ावा देना और कारोबार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।
राज्यों और हितधारकों से चर्चा के बाद लिया गया फैसला
मंत्रालय के मुताबिक, इन सुधारों को लागू करने से पहले राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और खाद्य उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया। ये बदलाव नीति आयोग की उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के अनुरूप भी हैं, जिसने अनावश्यक नियामकीय बोझ कम करने और प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया था।
