महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि पर नाटक ‘‘मोहन से मसीहा ’’ की शानदार प्रस्तुति
भारतीय लोक कला मण्डल एवं दि परफोरमर्स, उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 21 दिसम्बर 2018 से भारतीय लोक कला मण्डल में चल रही नाट्य कार्यशाला के अन्तर्गत प्रतिभागियों को नाट्य कला के विभिन्न पक्षों से रूबरू कराया जा रहा है । इसी के तहत कार्यशाला में राष्ट्रपिता महात्मा गाॅंधी के जीवन तथा उनके द्वारा मानव समाज के लिए किए गए कार्यों एवं भारत की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्षों को इम्प्रावाईज़ कर नाट्य रूप में नाटक ‘‘मोहन से मसीहा’’ में मुक्ताकाशी रंगमंच पर प्रस्तुत किया गया।

भारतीय लोक कला मण्डल एवं दि परफोरमर्स, उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 21 दिसम्बर 2018 से भारतीय लोक कला मण्डल में चल रही नाट्य कार्यशाला के अन्तर्गत प्रतिभागियों को नाट्य कला के विभिन्न पक्षों से रूबरू कराया जा रहा है । इसी के तहत कार्यशाला में राष्ट्रपिता महात्मा गाॅंधी के जीवन तथा उनके द्वारा मानव समाज के लिए किए गए कार्यों एवं भारत की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्षों को इम्प्रावाईज़ कर नाट्य रूप में नाटक ‘‘मोहन से मसीहा’’ में मुक्ताकाशी रंगमंच पर प्रस्तुत किया गया।
कार्यशाला में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के अध्यापक श्री आसिफ अली हैदर खान, सुश्री वन्दना वशिष्ठ दि परफोरमर्स की अनुकम्पा लईक एवं प्रबुद्ध पाण्डे ने प्रशिक्षण दिया। इस नाटक का लेखन एवं निर्देशन भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक डाॅ. लईक हुसैन द्वारा किया गया है। नाटक हेतु शोध – रोहित मेनारिया, प्रकाश – मुश्ताक खान, ध्वनी – के.के. ओझा, मंच सज्जा – प्रबुद्ध पाण्डे एवं वेशभूषा श्रीमती अनुकम्पा लईक ने की है।
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नाटक में कल्याण वेष्णव, नरेन्द्र त्रिपाठी, श्रीमती कृष्णा नंगारची, शुभम आमेटा, कुणाल मेहता, दीपांशु दुप्पिया, प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत, हर्ष वर्धन सिंह, मारूल जोशी एवं नवीन चौबीसा नामक कलाकारो ने प्रस्तुति दी। संस्था के मानद सचिव दौलत सिंह पोरवाल ने बताया कि उक्त नाटक की प्रस्तुती राष्ट्रपिता महात्मा गाॅंधी की पुण्य तिथि के अवसर पर की गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा प्रस्तुति से पूर्व राष्ट्रपिता महात्मा गाॅंधी की तस्वीर पर माला पहना कर उन्हें श्रद्धांजली भी अर्पित की गई।
