ग्रेटर नोएडा बनने जा रहा ग्लोबल हब, जापान-सिंगापुर मॉडल पर होगा विकास, यीडा ने बनाया बड़ा रोडमैप प्लान
Delhi-NCR Development Project: ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्मार्ट औद्योगिक और आवासीय हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने 1,000 एकड़ में 'जापान सिटी' और 'सिंगापुर सिटी' बसाने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। वहीं, दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और मजदूर परिवारों के लिए किफायती आवास परियोजना पर भी तेजी से काम शुरू हो गया है।
1,000 एकड़ में बसेंगी जापान और सिंगापुर सिटी
YEIDA की योजना के तहत सेक्टर-5ए में 500 एकड़ क्षेत्र में 'जापान सिटी' और सेक्टर-7 में 500 एकड़ में 'सिंगापुर सिटी' विकसित की जाएगी। दोनों परियोजनाओं को इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां उद्योग, आवास, व्यावसायिक गतिविधियां और आधुनिक सुविधाएं एक ही जगह पर उपलब्ध होंगी। प्रस्ताव के अनुसार, कुल भूमि का कम से कम 70 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक गतिविधियों के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि शेष क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत विकास किया जाएगा।
एयरपोर्ट के आसपास विकास पर विशेष फोकस
YEIDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आर.के. सिंह ने कहा कि नए सेक्टरों के लिए लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों का विकास प्राधिकरण की प्राथमिकता है और इन्हीं इलाकों में जापान सिटी और सिंगापुर सिटी जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की जा सकती हैं।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए भूमि की पहचान कर ली गई है और भूमि अधिग्रहण की योजना भी तैयार कर ली गई है।
निवेश और रोजगार का नया केंद्र बनेगा इलाका
जापान और सिंगापुर मॉडल पर विकसित होने वाली ये टाउनशिप विदेशी निवेश को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाएंगी। जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (JETRO) के साथ निवेश संभावनाओं पर भी बातचीत चल रही है। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों में शामिल हो जाएगा।
गरीब और मजदूर परिवारों के लिए बनेगा सस्ता आवास
इसी बीच ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और मजदूर परिवारों के लिए किफायती आवास योजना पर भी तेजी से काम कर रहा है। बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं के लिए बिरौंडा और पटवारी गांवों के पास जमीन की पहचान की गई है।
बिरौंडा गांव के पास करीब 18,000 वर्ग मीटर भूमि पर 12 मंजिला इमारतें बनाने का प्रस्ताव है, जिनमें 30 वर्ग मीटर के फ्लैट तैयार किए जाएंगे। इन आवासीय परिसरों में लिफ्ट की सुविधा के साथ रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दुकानें भी बनाई जाएंगी।
कम आय वाले परिवारों को मिलेगा फायदा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO रवि कुमार एनजी ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य मजदूरों और कम आय वर्ग के लोगों को किफायती दरों पर बेहतर गुणवत्ता वाले घर उपलब्ध कराना है। जमीन की पहचान होने के बाद परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल सके।
रियल एस्टेट बाजार को मिलेगा बड़ा बूस्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर, फिल्म सिटी और नई स्मार्ट टाउनशिप परियोजनाओं के चलते यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले रियल एस्टेट बाजारों में शामिल हो सकता है। जापान सिटी, सिंगापुर सिटी और किफायती आवास परियोजनाएं इस क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती हैं।
