जी.एस.टी. के लिए प्रथम चरण में प्राथमिक पंजीयन 31 दिसंबर तक

भारत सरकार द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित जी.एस.टी. अधिनियम में माईग्रेशन के लिए वैट में पंजीकृत व्यवसायियों को जी.एस.टी. के तहत् माईग्रेशन अनिवार्य है। इस क्रम में प्रथम चरण में वैट में पंजीकृत समस्त व्यवहारियों को 31 दिसंबर 2016 तक अपना प्राथमिक माईग्रेशन पूर्ण करना है।

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जी.एस.टी. के लिए प्रथम चरण में प्राथमिक पंजीयन 31 दिसंबर तक

भारत सरकार द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित जी.एस.टी. अधिनियम में माईग्रेशन के लिए वैट में पंजीकृत व्यवसायियों को जी.एस.टी. के तहत् माईग्रेशन अनिवार्य है। इस क्रम में प्रथम चरण में वैट में पंजीकृत समस्त व्यवहारियों को 31 दिसंबर 2016 तक अपना प्राथमिक माईग्रेशन पूर्ण करना है।

जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक विपुल जानी ने बताया कि वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा समस्त व्यवहारियों को जी.एस.टी. में एनरोल करने के क्रम में प्रोविजनल आई.डी. एवं पासवर्ड उपलब्ध करवा दिए गए है। व्यवहारियों की सुविधा के मद्देनजर वाणिज्यिक कर विभाग मुख्यालय से प्राप्त निर्देशानुसार पहले चरण में इस आई.डी. एवं पासवर्ड से व्यवहारियों द्वारा जी.एस.टी. की वेबसाईट पर जाकर लॉग-इन करते हुए प्राथमिक पंजीयन के रूप में केवल नवीन आई.डी. एवं पासवर्ड निर्मित करने होगें जिसे ही प्राथमिक जी.एस.टी. एनरोलमेन्ट कहा जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्राथमिक पंजीयन को सभी वैट में पंजीकृत डिलर्स द्वारा 31 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से किया जाना है। पंजीयन प्रक्रिया के दौरान आगामी चरण में सेकेण्ड़री पंजीयन के तहत् किए जाने वाले आवश्यक कार्य जिनमें आई.डी. एवं पते के प्रमाण के तहत् पत्रादि अपलोड़ एवं ई-सिग्नेचर करने संबंधित कार्यो को व्यवसायियों द्वारा 31 दिसंबर बाद भी किया जा सकता है। अतः राजटैक्स पर उपलब्ध प्रोविजनल आई.डी. एवं पासवर्ड को प्रयोग करते हुए स्वयं के नवीन आई.डी. पासवर्ड बनाने की प्रक्रिया ही प्रथम चरण में जी.एस.टी. के तहत् प्राथमिक माईग्रेशन माना जाएगा यह कार्य ही 31 दिसंबर तक किया जाना अनिवार्य है।

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