गाइड हैं पर्यटकों के लिए सांस्कृतिक दूत
यहां सिटी पैलेस स्थित महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर

यहां सिटी पैलेस स्थित महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर द्वारा शनिवार को शहर के गाइडों के लिए सांस्कृतिक दूत के रूप में गाइड की भूमिका विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।
व्याख्यानकत्र्ता कृष्णगोपाल शर्मा ने फाउण्डेशन के सभागार में आयोजित कार्यशाला में गाइडों को बताया कि सांस्कृतिक राजदूत के रूप कार्य करते हैं तो संस्कृति के अर्थ एवं उसकी विशेषताओं से परिचित हो, चाहे वह देश की हो या स्थानीय। संस्कृति के मूल आधार है- साहित्य, कला एवं दर्शन। इन्हीं की जानकारी के आधार पर सांस्कृति दूत के रूप में गाइड सराहनीय कार्य कर सकता है। पर्यटक के रूचि के अनुसार उस जगह की महत्ता और गुण भी बताए।
शनिवार को आयोजित कार्यशाला में संजय सिंह राजपूत, सावर सिंह पंवार, शक्ति सिंह शक्तावत, शिवराज सिंह राणावत, शिवराज सिंह चुण्डावत, सिद्धार्थ शर्मा, सुल्तान सिंह देओल, सुनिल पुजारी, सुरेन्द्र सिंह योद्धा, सुरेन्द्र सिंह राठौड़, सुरेश गोठवाल, सुरेश जेठी, तेजपाल सिंह राठौड़, तिलकेश शर्मा, उमाशंकर नागदा, उमाशंकर सुखवाल, उमेश सोनी, वीरेन्द्र सिंह विशावत, विजय विरवानी, विक्रम सिंह राठौड़, विक्रम सिंह राणावत, विक्रम सिंह झाला, विक्रम सिंह राठौड़, विक्रमजीत सिंह पंवार, विनोद पालीवाल, अरूण आचार्य, रमेशचन्द्र पटवा, निशांत जेठी, कुशाल सिंह चुण्डावत, गजराज सिंह चुण्डावत, जीवन सिंह सोलंकी, ललित कुमार श्रीमाली, आकाश टिक्का, अयाज, दिनेश गौड़, सुरेश नगरकोटी, चिन्मय दीक्षित, महेन्द्र सिंह झाला, रविन्द्र सिंह राणावत, प्रेम सिंह राणावत ने भाग लिया।
