हरियाणा का गुरुग्राम या सोनीपत ? प्रॉपर्टी निवेश में कौन-सा शहर देगा डबल मुनाफा
Udaipur Times, Haryana News, Sonipat vs Gurugram : उत्तर भारत में प्रॉपर्टी निवेश की बात होती है तो गुरुग्राम का नाम सबसे पहले लिया जाता है। कॉर्पोरेट हब, शानदार कनेक्टिविटी और लग्जरी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के कारण यह शहर लंबे समय से निवेशकों की पसंद बना हुआ है। हालांकि अब बढ़ती कीमतों और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं के चलते कई खरीदार नए विकल्प तलाश रहे हैं। ऐसे में सोनीपत तेजी से उभरते रियल एस्टेट बाजार के रूप में निवेशकों का ध्यान खींच रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों के लिए सही विकल्प इस बात पर निर्भर करेगा कि वे नियमित किराये की आय चाहते हैं या लंबे समय में संपत्ति की कीमत बढ़ने से होने वाला फायदा।
कीमतों में बड़ा अंतर
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी एनारॉक के अनुसार, गुरुग्राम में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमत 10,000 रुपये से 18,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच है। वहीं प्राइम लोकेशन पर यह कीमत 20,000 रुपये प्रति वर्ग फुट से भी अधिक पहुंच चुकी है। इसके कारण गुरुग्राम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों में शामिल है।
दूसरी ओर, सोनीपत में आवासीय प्रॉपर्टी और प्लॉटेड डेवलपमेंट की कीमतें 3,500 रुपये से 6,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच हैं। यानी गुरुग्राम की तुलना में यहां निवेश की शुरुआती लागत 50 से 70 प्रतिशत तक कम है। यही वजह है कि कम बजट वाले निवेशक सोनीपत की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न?
गुरुग्राम एक विकसित और परिपक्व रियल एस्टेट बाजार बन चुका है, इसलिए यहां कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार अब पहले जैसी नहीं है। वहीं उभरते शहरों में अभी भी तेजी से विकास की संभावना बनी हुई है।
नाइट फ्रैंक इंडिया की रियल एस्टेट रिपोर्ट 2025 के अनुसार, टियर-2 शहरों में संपत्ति की कीमतों में सालाना 8 से 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जबकि बड़े और विकसित शहरों में यह वृद्धि 4 से 6 प्रतिशत के आसपास है। इस वजह से सोनीपत को लंबी अवधि के निवेश के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
किराये की कमाई में गुरुग्राम आगे
हालांकि किराये से नियमित आय कमाने वाले निवेशकों के लिए गुरुग्राम अभी भी मजबूत विकल्प बना हुआ है। शहर में बड़ी संख्या में कॉर्पोरेट कार्यालय, मल्टीनेशनल कंपनियां और आईटी सेक्टर मौजूद हैं, जिससे किराये की मांग लगातार बनी रहती है। गुरुग्राम में आवासीय संपत्तियों पर आमतौर पर 3 से 4 प्रतिशत तक का रेंटल यील्ड मिलता है। वहीं कमर्शियल प्रॉपर्टी में इससे भी अधिक रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।
इसके मुकाबले सोनीपत अभी मुख्य रूप से पूंजीगत लाभ यानी भविष्य में कीमत बढ़ने की उम्मीद वाला बाजार माना जाता है। यहां किराये से कमाई के अवसर अभी सीमित हैं।
सोनीपत की बढ़ती ताकत
गुरुग्राम की सबसे बड़ी ताकत उसकी बेहतरीन कनेक्टिविटी रही है। दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48), मेट्रो नेटवर्क और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नजदीकी ने इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है।
लेकिन अब सोनीपत भी तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का लाभ उठा रहा है। कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया है। इसके अलावा प्रस्तावित मेट्रो विस्तार और नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के शुरू होने के बाद दिल्ली से सोनीपत की यात्रा 45 मिनट से भी कम समय में पूरी हो सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यही इंफ्रास्ट्रक्चर विकास आने वाले वर्षों में सोनीपत की रियल एस्टेट कीमतों को नई ऊंचाई पर पहुंचा सकता है।
निवेशकों की बढ़ रही दिलचस्पी
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में एनसीआर के बाहरी इलाकों में निवेशकों की पूछताछ 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ी है। खासकर प्लॉटेड डेवलपमेंट और इंटीग्रेटेड टाउनशिप परियोजनाओं में लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
रॉयल ग्रीन रियल्टी के प्रबंध निदेशक यशांक वासन का कहना है कि सोनीपत अब सिर्फ सस्ता विकल्प नहीं रह गया है। बेहतर सड़क नेटवर्क और आने वाली आरआरटीएस परियोजना ने खरीदारों की सोच बदल दी है। उनका मानना है कि उत्तर भारत में विकास के नए कॉरिडोर के रूप में सोनीपत तेजी से उभर रहा है।
वहीं निओलिव के संस्थापक और सीईओ मोहित मल्होत्रा के अनुसार, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और रोजगार के बढ़ते अवसर सोनीपत में रियल एस्टेट की मांग को लगातार बढ़ा रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है बेहतर विकल्प?
अगर आपका लक्ष्य स्थिर किराया आय और स्थापित बाजार में निवेश करना है तो गुरुग्राम अभी भी बेहतर विकल्प माना जा सकता है। लेकिन यदि आप कम लागत में निवेश कर भविष्य में ज्यादा पूंजीगत लाभ की उम्मीद कर रहे हैं तो सोनीपत का उभरता बाजार आपके लिए आकर्षक अवसर साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सालों में सोनीपत एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित होने वाले रियल एस्टेट केंद्रों में शामिल हो सकता है।
