बच्चो के सामने ही अपने साथी को मारने पर उतारू गुरूजी हुए अनुशासनहीन
बच्चो को अहिंसा का पाठ पढ़ाने और अराजकता से दूर रखने और सभ्य नागरिक बनाने की ज़िम्मेदारी एक शिक्षक की होती है लेकिन यदि शिक्षक खुद ही हिंसा और अराजकता पर उतर आए और स्कूल के बच्चो के सामने ही अपने साथी शिक्षक पर स्कूली बच्चो की तरह क्रिकेट बैट से पीटने पर उतारू हो जाये तो अंदाज़ा स्वतः ही लगाया जा सकता है की स्कूल के ऐसे माहौल में बच्चे क्या सीखेंगे ? अनुशासनहीन गुरूजी बच्चो को किस प्रकार अनुशासन में रहना सिखाएंगे? ऐसा ही एक नमूना उदयपुर के गिर्वा ब्लॉक के डेडरों की ढाणी गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में देखने को मिला।
बच्चो को अहिंसा का पाठ पढ़ाने और अराजकता से दूर रखने और सभ्य नागरिक बनाने की ज़िम्मेदारी एक शिक्षक की होती है लेकिन यदि शिक्षक खुद ही हिंसा और अराजकता पर उतर आए और स्कूल के बच्चो के सामने ही अपने साथी शिक्षक पर स्कूली बच्चो की तरह क्रिकेट बैट से पीटने पर उतारू हो जाये तो अंदाज़ा स्वतः ही लगाया जा सकता है की स्कूल के ऐसे माहौल में बच्चे क्या सीखेंगे ? अनुशासनहीन गुरूजी बच्चो को किस प्रकार अनुशासन में रहना सिखाएंगे? ऐसा ही एक नमूना उदयपुर के गिर्वा ब्लॉक के डेडरों की ढाणी गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में देखने को मिला।
डेडरों की ढाणी गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल में दो शिक्षकों के आपस में झगड़ने की इस शर्मनाक घटना से स्कूल की अध्यापिकाएं ही नहीं बल्कि बच्चे भी सहम गए। घटना का वीडियो वायरल होने पर जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) ने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। वायरल वीडियो बुधवार का बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को सुबह स्कूल में प्रार्थना के बाद बच्चों के सामने शारीरिक शिक्षक रमेश भावसार की अपने साथी शिक्षक प्रकाश आमेटा से किसी बात पर तू तू मैं मै हो गई जिस पर आवेश में आकर रमेश भावसार गाली गलौज करते हुए हाथ में क्रिकेट बैट लेकर अपने साथी शिक्षक प्रकाश आमेटा को मारने के लिए दौड़े। इस दौरान प्रधानाध्यापक चेतन प्रकाश जैन को बीच-बचाव कर मामला शांत करवाना पड़ा।
बताया जा रहा है कि शारीरिक शिक्षक रमेश भावसार आए दिन बच्चों के सामने ऐसी हरकतें करता है। इससे स्कूल का माहौल खराब हो रहा है और पढ़ाई की बजाय यहां भय का माहौल बना रहता है।