गुणीजनों ने किया अपने ज्ञान का प्रदर्शन
राष्ट्रीय गुणी मिशन उदयपुर के तत्वाधान में फतहपुरा, मंगल श्री गार्डन मे प्राकृतिक जड़ी-बूटियों व गुणियों द्वारा पॉच दिवसीय रोगोपचार शिविर का शुभारम्भ प्रातः11.00 बजे सम्भागीय आयुक्त श्री वैभव जी गालरिया ने भगवान धन्वन्तरी को दीप प्रज्वलित कर किया।
राष्ट्रीय गुणी मिशन उदयपुर के तत्वाधान में फतहपुरा, मंगल श्री गार्डन मे प्राकृतिक जड़ी-बूटियों व गुणियों द्वारा पॉच दिवसीय रोगोपचार शिविर का शुभारम्भ प्रातः11.00 बजे सम्भागीय आयुक्त श्री वैभव जी गालरिया ने भगवान धन्वन्तरी को दीप प्रज्वलित कर किया।
इस दौरान राजसमंद जिले के गुणी वरदाराम, झाडौल तहसील के भेरूलाल लौहार, मागीलाल, कडिया गांव के ओमदास,कामलीघाट से हेमसिंह, खेरवाडा से देवीलाल जी द्वारा जडी-बूटियों से निर्मित औषधियों एवं प्रर्दशनी का अवलोकन भी किया साथ ही गुणियों ने अपने ज्ञान के बारे मे विस्तारपूर्वक जानकारी सम्भागीय आयुक्त को दी।
राष्ट्रीय गुणी मिशन की संयोजिका भंवर धाभाई ने मिशन द्वारा परम्परागत चिकित्सा पद्धति के संवर्द्धन एवं संरक्षण पर किये जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी देते हुऐ कहा कि ये गुणी जन शहरवासियों की असाध्य बीमारियॉ जैसे दमा, गठिया, मधुमेह, श्वास पथरी , सायटिका, स्लिपडिस्क, महिलाओं मे श्वेतप्रदर-रक्तप्रदर, चर्मरोग आदि का उपचार करेगे।
इस अवसर पर अनुभवी गुणी श्री वरदाराम जी ने सम्भागिय आयुक्त वैभव जी गालरिया सा0 का मेवाड परम्परा के अनुसार पगडी पहनाकर स्वागत किया । शिविर के उद्घाटनकर्ता सम्भागीय आयुक्त श्री वैभव गालरिया ने अपने उद्बोदन में कहा इन गुणियों के पास अदभुत ज्ञान मौजूद है, जरूरत है इस ज्ञान को संकलित करने की । राष्ट्रीय गुणी मिशन ने इन लोगो को पहचान कर, इनकी क्षमताओं को उभारकर एक अच्छा प्रयास किया है।
शिविर के प्रथम दिन आज घुटने का दर्द, कमर दर्द, गठिया, सायटिका, पथरी, नाक-कान-गले के रोगी व श्वतेप्रदर-रक्तप्रदर, चर्मरोग आदि के सैकडो मरीजों का उपचार किया ।
