हरियाणा में धान एवं बाजरे की खरीद व्यवस्था को लेकर निर्देश, कृषि मंत्री ने कहा- किसानों को मिलेगी खास सुविधाएं
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने आज धान एवं बाजरे की खरीद व्यवस्था से संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक में खरीफ फसलों की खरीद को लेकर मंडियों में की गई तैयारियों, किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, खरीद प्रक्रिया, उठान, भंडारण तथा संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन करवाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, इस पर विशेष ध्यान रखें और मिसमैच मामलों का समयबद्घ तरीके से कार्य पूरा करें।
कृषि मंत्री ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि धान एवं बाजरे की खरीद प्रक्रिया को सुचारू एवं पारदर्शी ढंग से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि मंडियों में बारदाने, तौल कांटों, नमी जांचने वाले उपकरण, बिजली, पेयजल, सफाई, शेड, अटल कैंटीन, पार्किंग, सीसीटीवी कैमरें तथा यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाए।
साथ ही फसल की खरीद के बाद उसके उठान और भंडारण की व्यवस्था भी प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जाए, ताकि मंडियों में अनावश्यक रूप से फसल का जमाव न हो। उन्होंने कहा कि मंडियों में फसल की तुलाई, गुणवत्ता जांच, बारदाने की उपलब्धता, खरीद के बाद फसल के उठान तथा भंडारण की व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखी जाए।
कृषि मंत्री ने वीडियों कान्फ्रेंस में जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे प्रदेश की सीमाओं से लगते राज्यों से आने वाले धान व बाजरें की खरीद करने पर रोक लगाएं। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी विभाग एवं एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। मंडियों में आने वाले किसानों और वाहनों की संख्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने तथा मंडियों में साफ-सफाई सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और धान एवं बाजरे की खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारू एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न करवाने के लिए सभी संबंधित अधिकारी पूरी गंभीरता से कार्य करें।
खरीद एजेंसियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और मंडियों में आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मंडी एवं खरीद केंद्रों पर अधिकारी नियमित निरीक्षण करें तथा खरीद और उठान की प्रगति की लगातार समीक्षा करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की फसल खरीद सीजन के दौरान जिला प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाए।