हरियाणा में इन जगहों पर पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध, कई तरह की दुकानों के संचालन पर भी रोक
Udaipur Times, Haryana News, रोहतक : जिलाधीश सतबीर सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए जिला में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी द्वारा आयोजित की जा रही विभिन्न परीक्षाओं के परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश परीक्षा के सुचारू, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया है।
जिलाधीश सतबीर सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला में सेकेंडरी (एकेडमिक /ओपन स्कूल), सीनियर सेकेंडरी (एकेडमिक /ओपन स्कूल) तथा डी.एल.एड. प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जा रही हैं। इन परीक्षाओं का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सेकेंडरी (एकेडमिक/ओपन स्कूल) की परीक्षाएं 1 से 13 अक्तूबर 2026, सीनियर सेकेंडरी (एकेडमिक/ओपन स्कूल) की परीक्षाएं 1 से 22 अक्तूबर 2026, डी.एल.एड. प्रथम वर्ष की परीक्षाएं 1 से 23 अक्तूबर 2026 तथा डी.एल.एड. द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं 3 से 24 अक्तूबर 2026 तक आयोजित होंगी।
सतबीर सिंह द्वारा जारी आदेश के अंतर्गत परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों एवं ड्यूटी पर तैनात स्टाफ, जिसमें पुलिस कर्मचारी भी शामिल हैं, के अलावा अन्य व्यक्तियों का प्रवेश परीक्षा के सुचारू संचालन में बाधा उत्पन्न कर सकता है। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में हथियार/आग्नेयास्त्र तथा तलवार, गंडासा, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, जेली, चाकू आदि अन्य हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में स्थित फोटोस्टेट/जेरोक्स की दुकानें, डुप्लीकेटिंग सुविधा, साइबर कैफे तथा संबंधित दुकानों के संचालन पर परीक्षा के समय तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है। आदेश जारी करने का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों के आसपास अनुचित सामग्री की प्रतियां उपलब्ध करवाने की संभावना को रोकना तथा परीक्षा केंद्रों के आसपास शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
जिलाधीश सतबीर सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार पुलिस एवं ड्यूटी पर तैनात अन्य सरकारी कर्मचारियों पर यह आदेश लागू नहीं होगा। आदेश की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 अथवा अन्य लागू अधिनियमों नियमों के तहत अभियोजन एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।