हरियाणा में औद्योगिक क्षेत्र को लेकर नए नियमों को कैबिनेट की मंजूरी, अब मिलेगी ये खास सुविधाएं
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़, 18 मई – मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा प्रबंधन नागरिक सुविधाएं एवं आधारभूत संरचना की कमी वाले क्षेत्र (विशेष प्रावधान) संशोधन अधिनियम, 2025 के प्रावधानों को लागू करने हेतु संशोधनों को मंजूरी दी गई। इस निर्णय का उद्देश्य राज्यभर में अनधिकृत औद्योगिक प्रतिष्ठानों के नियमितीकरण को सुगम बनाना तथा ऐसे क्षेत्रों में बुनियादी नागरिक सुविधाएं एवं आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना है।
कैबिनेट को अवगत कराया गया कि राज्य सरकार ने नगरपालिकाओं की सीमा से बाहर स्थित आधारभूत संरचना एवं नागरिक सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से वर्ष 2021 में हरियाणा प्रबंधन नागरिक सुविधाएं एवं आधारभूत संरचना अभावग्रस्त क्षेत्र (विशेष प्रावधान) अधिनियम लागू किया था। इसके बाद 19 जुलाई 2022 को नीति अधिसूचित की गई तथा 6 अप्रैल 2023 को राहत संबंधी निर्देश जारी किए गए। हालांकि, वर्तमान व्यवस्था औद्योगिक कॉलोनियों पर लागू नहीं होती थी।
मुख्यमंत्री द्वारा राज्य बजट 2025 के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप सरकार ने यह निर्णय लिया कि अनधिकृत औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी इसी प्रकार का लाभ दिया जाए ताकि ऐसे क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा एवं नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसी उद्देश्य से अधिनियम में संशोधन किए गए, जिन्हें 3 अक्टूबर 2025 को हरियाणा अधिनियम संख्या 22, 2025 के माध्यम से अधिसूचित किया गया।
स्वीकृत संशोधनों के तहत, कम से कम 10 एकड़ के निरंतर क्षेत्र में फैली, न्यूनतम 50 औद्योगिक इकाइयों वाली तथा 3 अक्टूबर 2025 से पूर्व निर्मित औद्योगिक कॉलोनियां इस नीति के अंतर्गत पात्र होंगी।
कैबिनेट ने एक ऑनलाइन पोर्टल के निर्माण को भी मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से उद्यमी या उनके अधिकृत प्रतिनिधि आधारभूत संरचना से वंचित औद्योगिक क्षेत्रों की घोषणा तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों के नियमितीकरण हेतु आवेदन कर सकेंगे।
संशोधित नीति में “अधिकृत व्यक्ति” की अवधारणा भी जोड़ी गई है, जो औद्योगिक कॉलोनी में स्थित उद्यमियों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों की ओर से आवेदन कर सकेगा। कैबिनेट को बताया गया कि आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए विस्तृत दस्तावेजी आवश्यकताएं, जांच प्रणाली तथा जिला स्तरीय स्वीकृति प्रक्रियाएं भी शामिल की गई हैं।
इस निर्णय से राज्य में अनधिकृत औद्योगिक क्लस्टरों में संचालित हजारों औद्योगिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही इससे योजनाबद्ध आधारभूत संरचना विकास, पर्यावरणीय अनुपालन तथा हरियाणा में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
