हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला, हारट्रोन पर होगा सीआरआईडी का प्रशासनिक नियंत्रण
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में, राज्य में डिजिटल गवर्नेंस व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा ई-गवर्नेंस एवं डिजिटल सेवाओं में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सिटिजन रिसोर्स इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट (सीआरआईडी) को हरियाणा सरकार के कार्य (आवंटन) नियम, 1974 के तहत स्वतंत्र विभाग का दर्जा देने की मंजूरी प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हारट्रोन) को भी सीआरआईडी के प्रशासनिक नियंत्रण में लाने की मंजूरी दी, ताकि संबंधित कार्यों को सुव्यवस्थित किया जा सके और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई जा सके।
यह निर्णय सीआरआईडी की जिम्मेदारियों के व्यापक दायरे और प्रकृति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सीआरआईडी ई-गवर्नेंस एवं डिजिटल सेवाओं की देखरेख करने के साथ-साथ हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण, हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसैक) तथा दृश्या का प्रशासन भी संभालता है। इन कार्यों के व्यापक दायरे को देखते हुए प्रभावी प्रशासन और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी समझा गया कि सीआरआईडी को स्वतंत्र विभाग का दर्जा दिया जाए।
हारट्रोन को सीआरआईडी के अधीन लाने से उसके प्रशासनिक नियंत्रण और कार्यों में एकरूपता आएगी। हारट्रोन सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स संबंधी बुनियादी ढांचे की खरीद, ई-गवर्नेंस परियोजनाओं को सहयोग, तकनीकी मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा परामर्श सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य की नोडल तकनीकी एजेंसी के रूप में कार्य करता है। चूंकि ये गतिविधियां सीआरआईडी के कार्यक्षेत्र से संबंधित हैं, इसलिए हारट्रोन को इसके प्रशासनिक नियंत्रण में लाने से संबंधित कार्यों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।
मंत्रिमंडल ने सामान्य प्रशासन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को वर्तमान में आवंटित चार विषयों के दोहराव को समाप्त करने की भी मंजूरी दी है। इससे सरकारी कार्यों के आवंटन में अधिक स्पष्टता आएगी तथा विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों में दोहराव और कार्यक्षेत्र में टकराव से बचा जा सकेगा। इस निर्णय के बाद सीआरआईडी के स्वतंत्र विभागीय कार्य आवंटन के अंतर्गत हारट्रोन सहित कुल 19 विषय होंगे।
उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल ने अप्रैल 2023 में ही सीआरआईडी को स्वतंत्र विभाग का दर्जा देने की मंजूरी प्रदान कर दी थी। वर्तमान निर्णय के माध्यम से उस मंजूरी को प्रभावी बनाया गया है।