हरियाणा कैबिनेट बैठक में सरकार के कई बड़े फैसले, जाने क्या-क्या हुए बदलाव ?
Udaipur Times, Haryana news : हरियाणा सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को जमीन मालिकों, नौकरियों व रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े 7 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। नई भूमि पूलिंग नीति को मंजूरी दी गई, जो वर्ष 2022 की पॉलिसी की जगह लेगी। इससे जमीन मालिकों को विकास परियोजनाओं में हिस्सेदार बनाया जाएगा। विकसित होने वाले बिक्री योग्य क्षेत्र का 50% हिस्सा जमीन मालिकों को और बाकी 50% विकास संगठन को मिलेगा। यदि 4 साल में बुनियादी ढांचा विकसित नहीं होता है तो मालिकों को जमीन वापस देने का प्रावधान रखा गया है। कैबिनेट की बैठक सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई है।
वहीं, विदेश भेजने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी रोकने को लेकर पिछले साल बनाया गए कानून के बाद अब कैबिनेट ने इसके नियमों को मंजूरी दी है। इसके तहत एजेंटों को क्यूआर कोड युक्त डिजिटल पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। नागरिक क्यूआर कोड स्कैन करके एजेंट के पंजीकरण की प्रामाणिकता और वैधता की जांच कर सकेंगे। इसके अलावा 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर विधानसभा का एक दिवसीय स्पेशल सेशन बुलाने का फैसला भी लिया गया।
नई नीति से जमीन मालिकों को क्या मिलेगा?
बिक्री योग्य विकसित क्षेत्र का 50 प्रतिशत हिस्सा जमीन मालिकों को मिलेगा।
विकास संगठन को कितना हिस्सा मिलेगा?
बाकी 50 प्रतिशत हिस्सा विकास संगठन अपने पास रखेगा।
जमीन मालिकों को किस तरह के प्लॉट मिलेंगे?
कमर्शियल, आवासीय, औद्योगिक व संस्थागत श्रेणी में प्लॉट मिलेंगे।
कितनी जमीन देने पर कियोस्क या बूथ मिलेगा?
2000 वर्ग मीटर से अधिक जमीन देने वालों को कियोस्क या बूथ मिलेगा।
छोटे जमीन मालिकों के लिए क्या व्यवस्था है?
999 वर्ग मीटर से कम जमीन देने वालों को प्लॉट की जगह नगद राशि मिलेगी।
विकास कार्य पूरा नहीं होने पर क्या होगा?
4 साल में बुनियादी ढांचा पूरा नहीं हुआ तो जमीन मालिकों को उनकी जमीन वापस मिलेगी।
किसानों को कितनी वार्षिक राशि मिलेगी?
4 साल तक एक लाख रुपए प्रति एकड़ सालाना। देरी पर 9% वार्षिक ब्याज का प्रावधान है।
ट्रैवल एजेंट के लिए नियम: रजिस्ट्रेशन जरूरी, फीस ₹5 हजार; वैधता 3 साल
प्रदेश में फर्जी ट्रैवल एजेंट्स, अवैध विदेश भर्ती, मानव तस्करी और डंकी रूट पर लगाम लगाने के लिए पिछले साल बने कानून के नियमों को मंजूरी दी है। अब सभी एजेंट्स के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। हर नई शाखा और प्रत्येक सेवा श्रेणी (पासपोर्ट, टूर एंड ट्रैवल, स्टडी वीजा कंसल्टेंसी, टिकटिंग) के लिए 5 हजार रुपए शुल्क के साथ अलग रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पुलिस वेरिफिकेशन के बाद सक्षम प्राधिकारी 30 दिनों में क्यूआर कोड युक्त डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देंगे, जिसकी वैधता 3 साल होगी। नागरिक क्यूआर कोड स्कैन कर एजेंट की प्रामाणिकता जांच सकेंगे। पंजीकृत एजेंटों की जिलावार सूची 'अंत्योदय सरल पोर्टल', गृह विभाग व पुलिस विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। साथ ही, एजेंटों को अपने दफ्तर के अंदर-बाहर, विज्ञापनों और वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन नंबर व वैधता तिथि प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
टीडीआर पॉलिसी में बदलाव
आवेदन की तिथि से तय होगी जमीन की कीमत
कैबिनेट ने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स सड़कों और ग्रीन बेल्ट के लिए जमीन अधिग्रहण और ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) पॉलिसी में बड़ा सुधार किया है। अब टीडीआर सर्टिफिकेट की गणना 1 जनवरी के बजाय आवेदन जमा करने की सटीक तारीख की वेटेड एवरेज कलेक्टर रेट के आधार पर होगी। टीडीआर का इस्तेमाल जिस जमीन पर होना है, उसकी दर भी आवेदन की तारीख के अधिसूचित कलेक्टर रेट से ही तय होगी, भले ही इस्तेमाल भविष्य में कभी भी किया जाए। टीडीआर सर्टिफिकेट का उपयोग उसी या राज्य के किसी भी कम क्षमता वाले डेवलपमेंट प्लान में हो सकेगा। यह नियम लंबित आवेदनों पर भी लागू होगा।
एचपीएससी में ग्रुप-सी के 15 नए पद मंजूर, पात्रता नियम भी बदले
हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) में ग्रुप-सी के स्वीकृत पद बढ़ाकर 85 कर दिए हैं। इनमें 15 पद नए हैं। इन पर नियुक्ति की पात्रता में संशोधन किया है। अब तिब्बती शरणार्थियों, पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका और पूर्वी अफ्रीकी देशों से भारत आए भारतीय मूल के लोगों से जुड़े मौजूदा पात्रता प्रावधानों को हटाने का प्रस्ताव है। पात्रता केवल भारत, नेपाल व भूटान के नागरिकों तक सीमित होगी। अब 10वीं कक्षा में हिंदी या संस्कृत में से एक विषय या उच्च शिक्षा स्तर पर हिंदी विषय पढ़ा होना मान्य कर दिया गया है।
जूनियर लेक्चरर असिस्टेंट भर्ती के योग्यता व सेवा नियमों में बदलाव
ग्रुप-सी के तहत जूनियर लेक्चरर असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए साइंस (पीसीएम या पीसीबी) से 12वीं पास, 10वीं में हिंदी/संस्कृत या उच्च शिक्षा में हिंदी, 18 से 42 वर्ष की आयु और मान्यता प्राप्त कॉलेज में लेबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में 5 वर्ष का अनुभव अनिवार्य है। पदोन्नति के लिए योग्यता 12वीं या समकक्ष व नियमित नियुक्ति के बाद लेबोरेटरी अटेंडेंट का 5 साल का अनुभव जरूरी होगा। आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवार न मिलने पर अनुभव की शर्त में 50% तक छूट दे सकती है।
कॉलोनी का लाइसेंस लेने के बाद पांच साल में पूरे करने होंगे काम
नई एकीकृत लाइसेंसिंग नीति -2022 में भी संशोधन को मंजूरी मिली है। परियोजनाओं को 5 वर्षों के भीतर पूरा करना होगा। यदि कोई परियोजना इस अवधि में पूरी नहीं होती है तो लाइसेंस के नवीनीकरण पर असर पड़ेगा। यह संशोधन एनआईईएलपी कॉलोनियों के लाइसेंस नवीनीकरण को ग्रुप हाउसिंग कॉलोनियों के समान बनाता है। अब तक परियोजनाओं को 7 वर्षों में पूरा करने का प्रावधान था। इसमें पांच वर्ष की प्रारंभिक लाइसेंस वैधता और दो वर्ष का नवीनीकरण शामिल था।