हरियाणा के JBT और प्राइमरी शिक्षकों को पक्का करने का रास्ता साफ, हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

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Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के JBT और प्राइमरी शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हरियाणा के हजारों तदर्थ (Adhoc) और अनुबंध (Contractual) शिक्षकों के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी और राहत भरी खबर आई है। लंबे समय से चल रहे कानूनी संघर्ष के बाद अब उनकी पक्की नौकरी की उम्मीदें जाग गई हैं।

मुख्य बातें:

कोर्ट का आदेश: जस्टिस त्रिभुवन दहिया की एकल पीठ ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वे याचिकाकर्ताओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करें।

सुप्रीम कोर्ट का आधार: यह फैसला 16 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा 'मदन सिंह बनाम हरियाणा राज्य' मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले के आधार पर लिया गया है।

नियमितीकरण का आधार: जो शिक्षक लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं, वे 18 जून 2014 की हरियाणा सरकार की अधिसूचना (Policy) के तहत नियमित होने के हकदार हैं, बशर्ते वे निर्धारित शर्तें पूरी करते हों।

विभाग को मिली समय सीमा:

शिक्षकों को 4 सप्ताह के भीतर विभाग के पास अपना विस्तृत विवरण (Representation) जमा करना होगा।

शिक्षा विभाग को अगले 6 महीने के भीतर प्रत्येक मामले पर 'स्पीकिंग ऑर्डर' (कारणों सहित स्पष्ट निर्णय) जारी करना होगा।

सख्त चेतावनी: यदि विभाग 6 महीने की समय सीमा के भीतर निर्णय लेने में विफल रहता है, तो संबंधित अधिकारी को याचिकाकर्ता को 50,000 रुपये हर्जाना (Cost) देना होगा।

शिक्षकों के लिए इसके क्या मायने हैं?

यह आदेश उन शिक्षकों के लिए संजीवनी जैसा है जो वर्षों से अस्थाई तौर पर काम कर रहे थे। अब गेंद हरियाणा शिक्षा विभाग के पाले में है। यदि विभाग सकारात्मक रुख अपनाता है, तो हजारों परिवारों को सेवा सुरक्षा और स्थाई पहचान मिलेगी।

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