हरियाणा के DGP अजय सिंघल ने दिए सख्त निर्देश ! अपराध बढ़ा तो थाना प्रभारी होंगे सस्पेंड
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाने वाले थाना प्रभारियों पर अब कार्रवाई होगी। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने निर्देश दिए कि जिस थाना क्षेत्र में अपराध पर अंकुश नहीं लगेगा व थाना प्रभारी प्रदर्शन में खरा नहीं उतरेंगे, उनके खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित सुपरवाइजरी अधिकारी की जवाबदेही भी तय होगी। पुलिस मुख्यालय में सोमवार को अपराध नियंत्रण को लेकर करीब तीन घंटे चली उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षकों ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रदेश की अपराध स्थिति की थानावार समीक्षा की गई।
DGP ने अधिकारियों से कहा कि केवल अपराध के आंकड़े जुटाना पर्याप्त नहीं है। हर थाने में यह देखा जाए कि कौन सा अपराध बढ़ रहा है व उसके पीछे वास्तविक कारण क्या हैं। उसे रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए। सीसीटीएनएस के आंकड़ों का विश्लेषण कर अपराध की प्रवृत्ति को समझने और घटना से पहले रोकथाम की रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीन आने वाले थानों के प्रभारियों के साथ नियमित बैठक करने को कहा। थाना स्तर पर अपराध की माइक्रो लेवल मॉनिटरिग कर कमजोर कड़ियों की पहचान करने और उसी आधार पर कार्रवाई की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में 15 जून को दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
DGP ने कहा कि जिम्मेदारी के अनुरूप काम नहीं करने वाले अधिकारियों को जवाब देना होगा। अब खराब प्रदर्शन को केवल समीक्षा तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
DGP ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष बीएनएस के तहत प्रदेश में अपराध में 9.11 प्रतिशत कमी आई है। उन्होंने थाना स्तर पर अपराध के कारणों का विश्लेषण कर नियंत्रण की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए।
धमकी, फायरिंग व साइबर अपराध पर मंथन
ADGP सीआईडी सौरभ सिंह ने धमकी भरी कॉल और फायरिंग जैसी गंभीर घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी रणनीति बनाने पर जोर दिया। बैठक में लंबित साइबर अपराध मामलों के जल्द निपटारे और पीड़ितों की राशि की रिकवरी पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। अगली समीक्षा बैठक में अधिकारियों को थानावार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।