हरियाणा सरकार ऐसे वाहन कर रही जब्त ! 1 अक्तूबर से इन वाहनों को नहीं मिलेगा पंपों पर तेल

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Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक और तकनीक आधारित रणनीति अपनाई है। इसके तहत सतत परिवहन, पर्यावरण निगरानी को सुदृढ़ करने और शहरी अवसंरचना में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य सितंबर 2026 तक सभी चिन्हित कमियों को दूर करते हुए बड़े स्तर पर निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों (सीएएक्यूएमएस) के नेटवर्क का  विस्तार करने का है।

प्रधानमंत्री के सलाहकार श्री तरुण कपूर की अध्यक्षता में एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा बैठक में भाग लेने के बाद हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने बताया कि राज्य सरकार उत्सर्जन कम करने और प्रमुख शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से स्पष्ट कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। वर्ष 2026 के दौरान एनसीआर के प्रमुख शहरों में 925 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 575 इलेक्ट्रिक बसों के खरीद आदेश जारी किए जा चुके हैं, जबकि शेष बसों की खरीद प्रक्रिया हाई पावर्ड परचेज कमेटी के माध्यम से तेज़ी से पूरी की जा रही है।

गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, करनाल और रोहतक जैसे शहरों में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना का तेजी से विस्तार किया जाएगा। वहीं सोनीपत ने अपने निर्धारित इलेक्ट्रिक बस बेड़े के लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।

इन पहलों के साथ-साथ हरियाणा ने डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स कंपनियों को शामिल करते हुए वाहन एग्रीगेटर नीति अधिसूचित कर दी है तथा सुगम पंजीकरण और संचालन के लिए समर्पित वेब पोर्टल भी स्थापित किया है। राज्य की ईवी नीति के तहत पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं।

वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए हरियाणा सरकार 01 अक्टूबर, 2026 से एनसीआर जिलों के सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर “नो पीयूसीसी, नो फ्यूल” नीति लागू करने जा रही है। इसके लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) सिस्टम चरणबद्ध तरीके से स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि तय समय सीमा से पहले व्यवस्था पूरी तरह लागू की जा सके।

राज्य सरकार ने एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज कर दी है। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच बड़ी संख्या में पुराने वाहनों को जब्त या स्क्रैप किया गया है। परिवहन विभाग ने प्रतिदिन ऐसे 100 वाहनों को जब्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

मुख्य सचिव ने बताया कि पर्यावरण मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने में हरियाणा ने उल्लेखनीय प्रगति की है। ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओसीईएमएस) से जुड़े 1,349 प्रदूषणकारी उद्योगों में से 1,286 इकाइयों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निगरानी नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है।

इसके अलावा एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइसेज (एपीसीडी) की स्थापना और उन्नयन का कार्य भी तेजी से चल रहा है। एनसीआर क्षेत्र में बॉयलर और भट्टियों के लिए कड़े उत्सर्जन मानकों के अनुपालन हेतु सितंबर 2026 तक पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का रोडमैप तैयार किया गया है। गैर-अनुरूप औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि वह 30 दिनों के भीतर नया सर्वे कर अवैध रूप से संचालित इकाइयों की पहचान करे।

डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए राज्य तेजी से वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। 45 आवश्यक सीएएक्यूएमएस स्टेशनों में से 22 पहले ही चालू हो चुके हैं, जबकि शेष स्टेशनों के लिए कार्यादेश 15 जून, 2026 तक जारी कर दिए जाएंगे। इस तरह 30 सितंबर, 2026 तक सभी स्टेशन पूरी तरह संचालित हो जाएंगे।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के तहत हरियाणा वर्ष 2026 में 2,953 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 1,164.31 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का कार्य कर रहा है। परियोजना के बड़े हिस्से के लिए प्रशासनिक स्वीकृतियां और कार्य आदेश  जारी किए जा चुके हैं।

राज्य सरकार ने निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को भी मजबूत किया है। इसके तहत अपशिष्ट परिवहन के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और अपशिष्ट संग्रहण एवं प्रसंस्करण केंद्रों की जियो-टैगिंग की व्यवस्था लागू की गई है।

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