गुरुग्राम-नूंह में बिजली वितरण लाइसेंस के फैसले को हरियाणा सरकार APTEL में देगी चुनौती, 5-6 दिन में दाखिल होगी अपील
Udaipur Times, Haryana News, चण्डीगढ : हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि ‘‘किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से होता है और बातचीत के लिए अनिल विज अपने हमेशा दरवाजे खुले रखता है’’। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुरूग्राम व नूंह में बिजली वितरण के लिए दिए गए लाईसेंस के विरोध में विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में अपील दायर करेगी। यह अपील अगले 5 से 6 दिनों में दायर की जाएगी जबकि अपील करने के लिए 45 दिनों का समय होता है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के विरोध में हम स्टे लेने की कोशिश भी करेगी क्योंकि हम पूरी तरह से कर्मचारियों के साथ हैं।
श्री विज आज यहां चण्डीगढ में मीडिया कर्मियों द्वारा गुरूग्राम व नूंह में बिजली वितरण के लिए दिए गए लाईसेंस के विरोध में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की प्रस्तावित हडताल के संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि ‘‘हरियाणा बिजली नियामक आयोग (एचईआरसी) एक स्वायत संस्था हैं, जोकि केन्द्रीय सरकार के बिजली कानून के तहत गठित की गई है। उन्होंने कहा कि एचईआरसी में कोई भी व्यक्ति जाकर अपना आवेदन दर्ज करवा सकता है। श्री विज ने स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार ने इस संबंध में आवेदन आमंत्रित नहीं किया कि हम निजीकरण करना चाहते हैं, कि आवेदन किया जाए। हमने किसी से भी कोई आवेदन नहीं मांगा है। लेकिन केन्द्रीय एक्ट के तहत प्रावधान है कि कोई भी निजीकरण लाईसेंस के लिए एचईआरसी में आवेदन कर सकता है। यदि किसी ने आवेदन किया है तो बिजली वितरण के लिए लाईसेंस दिया गया है जबकि हम उससे सहमत नहीं है और सरकार ने इसका डटकर इसका विरोध किया है’’।
उन्होंने कहा कि ‘‘मेरे विभाग ने पूरी मेहनत की है और हमने अच्छे वकील भी इसके लिए लगाए हैं और डटकर इसका विरोध किया है। अब एचईआरसी ने हमारे विरोध में फैसला कर दिया है तो अब सरकार एपीटीईएल में जाएंगी और अपील करेंगी। श्री विज ने जोर देकर कहा कि इस फैसले के विरोध में हमारी कोशिश स्टे लेने की भी रहेगी’’। श्री विज ने बताया कि इसके विरोध में एपीटीईएल में अपील करने के लिए 45 दिनों का प्रावधान है लेकिन मैंने विभाग को निर्देश दिए है कि 5 या 6 दिनों के अंदर-अंदर ये अपील दाखिल हो जानी चाहिए। इसके अलावा, एचईआरसी ने ये गलत आदेश दिया है, इसके खिलाफ हम स्टे लेने की कोशिश करेंगें।
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से कुछ यूनियन के पदाधिकारियों के मिलने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री विज ने कहा कि ‘‘कुछ यूनियन के पदाधिकारी आए भी थे, हमने इनसे बात की है, हमने पदाधिकारियों से कहा है कि यदि आपके पास कोई विकल्प है तो बता दो, हम उस रास्ते को अपना लेंगें, आपने अपना वकील खडा करना है तो आप अपना वकील भी खडा कर लो, बल्कि अच्छा यह रहेगा कि यूनियन के नेता सभी मिलकर हमारे वकील के साथ ही केस तैयार कर ले। श्री विज ने कहा कि हम इस मामले में पूरी तरह से डटकर लडेंगें और आखिरी दम तक लडेंगें। श्री विज ने कहा कि पहले हम एपीटीईएल में लडेंगें और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट भी भी लडेंगें क्योंकि हम पूरी तरह से कर्मचारियों के साथ हैं’’।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री विज ने कहा कि ‘‘मुझे लगता है कि कर्मचारी नेताओं/पदाधिकारियों को इस बात को मानना चाहिए और मान भी जाएंगें क्योंकि कोई रास्ता नहीं है, अगर हम मना कर रहे हैं, कि हम अपील नहीं करेंगें, तो फिर आपका हडताल करना बनता है। श्री विज ने कहा कि जबकि हम अपील कर रहे है, और पहले दिन से हमने कह दिया है। श्री विज ने यह भी साफ किया कि इस संबंध में सारी स्थिति मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के ध्यान में भी ला दी गई है कि इसके लिए हम अमुक कदम उठाने जा रहे हैं और इस मामले में केस को लडेंगें’’।