हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, तीन पॉलिसी के तहत पक्के हुए कर्मचारियों को मिलेगा न्यूनतम वेतनमान

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हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, तीन पॉलिसी के तहत पक्के हुए कर्मचारियों को मिलेगा न्यूनतम वेतनमान

Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। वर्ष 2014 की तीन पॉलिसी के तहत हरियाणा में पक्के हुए कर्मचारियों को उनके पद के सबसे निचले वेतनमान में रखा जाएगा। जानकारी के अनुसार यदि किसी विभाग में नियमित पद खाली नहीं हैं, तो अधिसंख्य पद (सुपरन्यूमेरी पोस्ट) सृजित किए जाएंगे। मिली जानकारी के मुताबिक 16 जून 2014 और 18 जून 2014 को अधिसूचित पालिसी पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बाद कर्मचारियों के नियमितीकरण को कानूनी रूप देने पर बढ़ी सरकार ने साफ कर दिया है कि सात जुलाई 2014 को अधिसूचित पालिसी रद्द होने के बावजूद किसी कर्मचारी को नहीं निकाला जाएगा। Haryana News

मिली जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट द्वारा मदन सिंह और अन्य बनाम हरियाणा राज्य मामले में 16 अप्रैल को पारित आदेशों को अमलीजामा पहनाने के लिए मानव संसाधन विभाग ने प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, आयुक्तों, उपायुक्तों और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को निर्देश जारी कर दिया है। जानकारी के मुताबिक संविदा आधार पर कार्यरत समूह-बी, सी और डी कर्मचारियों, जिन्होंने स्वीकृत रिक्त पदों के विरुद्ध 28 मई 2014 तक न्यूनतम तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया था और जो अभी भी सेवा में हैं तथा आवश्यक योग्यताएं रखते हैं, को उनके पद के सबसे निचले वेतनमान में रखा जाएगा। Haryana News

जानकारी के अनुसार जिन तदर्थ, अनुबंध, दैनिक मजदूरी, कार्य-प्रभारी आधार पर समूह-सी और डी कर्मचारियों को प्रशासनिक कारणों से 17 जून 1997, पांच नवंबर 1999, एक अक्टूबर 2003 और 10 फरवरी 2004 की नियमितीकरण नीतियों के तहत नियमित नहीं किया जा सका, लेकिन अन्यथा वे पात्र थे, उन्हें भी नियमित किया जाएगा। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि उपर्युक्त नीतियों के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र संविदा कर्मचारियों की तुरंत पहचान करें और निर्धारित पात्रता शर्तों को सुनिश्चित करने के बाद सत्यापन के अधीन नियमितीकरण के आदेश जारी करें। ऐसे नियमित कर्मचारियों को पात्रता तिथि से पदोन्नति और सेवा लाभ सहित सभी लाभ दिए जाएंगे। समूह 'बी', 'सी' और 'डी' के वे कर्मचारी, जो सात जुलाई 2014 की अधिसूचनाओं के मद्देनजर वर्तमान में सेवा में हैं, वे भी सक्षम प्राधिकारी द्वारा सत्यापन के अधीन सभी राहतों के हकदार होंगे। Haryana News

यह था विवाद

मिली जानकारी के मुताबिक तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तीन पाली बनाई थी। जून में अधिसूचित दो अलग-अलग पालि के अनुसार करीब पांच हजार कर्मचारियों को पक्का कर दिया गया, जिन्होंने 30 जून 2014 को सेवा के तीन साल पूरे कर लिए थे। सात जुलाई 2014 को बनाई अन्य पालि में व्यवस्था की गई कि 31 दिसंबर 2018 को जिन कर्मचारियों को काम करते हुए 10 साल पूरे हो जाएंगे, उन्हें नियमित कर दिया जाएगा। Haryana News

जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2014 में राज्य में सरकार बदलते ही इस पालिसी को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। जून 2018 में जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस सुदीप अहलूवालिया की खंडपीठ ने सोनीपत निवासी योगेश त्यागी व अन्य की याचिकाओं को सही मानते हुए तीनों पालिसी रद्द करते हुए कर्मचारियों के नियमितीकरण पर रोक लगा दी थी। फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया, जिसके बाद इसी साल 16 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आठ साल पुराने आदेश को पलटते हुए जून 2014 में अधिसूचित दोनों पालिसी को सही मानते हुए कर्मचारियों के नियमितीकरण पर मुहर लगा दी थी। Haryana News

पालिसी रद्द होने के बावजूद अतिथि अध्यापकों को राहत

मिली जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में जुलाई 2014 में अधिसूचित पालिसी को रद्द कर दिया है। इस पालिसी के तहत 31 दिसंबर 2018 तक 10 साल पूरे करने वाले 14000 अतिथि अध्यापकों, 3000 बिजली कर्मचारियों और 3000 दूसरे विभागों के कर्मचारियों को नियमित किया गया था। सभी अतिथि अध्यापकों और अन्य विभागों के कर्मचारियों की सेवाएं प्रदेश सरकार पहले ही सेवानिवृत्ति आयु तक समाप्त नहीं करने का नियम बना चुकी है।

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