हरियाणा में गौशालाओं के लिए 10 एकड़ भूमि देने के निर्देश, देखें सरकार के सभी बड़े फैसले ?
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन श्री मोहनलाल कौशिक ने कहा कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार गांवों एवं शहरों को बेसहारा गायों से मुक्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत गौशालाओं के साथ-साथ प्रदेश में चार गौवन विकसित करने की प्रक्रिया भी जारी है।
श्री मोहनलाल कौशिक आज चंडीगढ़ में गौसेवा आयोग के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने हैफेड, प्राकृतिक खेती तथा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
गौचरान भूमि में से 10 एकड़ भूमि गौशालाओं को देने के निर्देश
सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों को गौचरान भूमि में से कम से कम 10 एकड़ भूमि गौशालाओं को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि गायों के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे की व्यवस्था की जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों पर घूम रही गायों को गौशालाओं एवं गौवन में सुरक्षित रखने के लिए गौसेवा आयोग, ग्राम पंचायतों तथा शहरी स्थानीय निकायों का सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश की लगभग 707 पंजीकृत गौशालाओं में करीब 40 हजार गायों को रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार शेष बेसहारा गायों को अभियान चलाकर अतिरिक्त गौशालाओं में भेजने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ के गांव भोजावास में 89 एकड़ भूमि पर गौवन विकसित करने का कार्य अंतिम चरण में है। इसके अलावा पलवल के गांव राजपुरा खादर, कैथल के गांव भूना तथा करनाल के गांव सांभली में भी गौवन विकसित करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 22 गौशालाओं को पुनः चालू किया जाएगा तथा 14 नई गौशालाएं खोलने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि गौशालाओं एवं गौवन का विकास कर गायों को सुरक्षित रखना तथा उनके लिए चारे एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन ने कहा कि जल्द ही प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध करवाए जाएंगे। इनके माध्यम से घायल एवं बीमार गायों को उपचार एवं अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गायों के लिए चारे की व्यवस्था हेतु चारा अनुदान के रूप में राशि प्रदान की जा रही है। चारा अनुदान राशि के लिए पोर्टल खुला हुआ है और पंजीकृत गौशालाएं 14 अक्टूबर तक अनुदान के लिए आवेदन कर सकती हैं। इसके बाद छह माह की चारा अनुदान किस्त जारी की जाएगी। इस वर्ष गौशालाओं के लिए चारा अनुदान के रूप में 300 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री कौशिक ने कहा कि इस वर्ष 200 गौशालाओं में आयरन शेड बनाने के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। आयरन शेड के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। गत वर्ष 49 गौशालाओं में शेड बनवाए गए थे।
उन्होंने कहा कि हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में गायों की नस्ल सुधार के लिए करोड़ों रुपये की लागत से लैब स्थापित की गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि हरियाणा के किसानों को बेहतर नस्ल की गायें उपलब्ध हो सकें। गुजरात, उत्तराखंड एवं पंजाब में भी गायों की नस्ल सुधार के लिए कार्य किया गया है। हरियाणा में भी इस दिशा में कार्य कर गौवंश की नस्ल सुधार को बढ़ावा दिया जाएगा।
सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन ने कहा कि पंचकूला के रतेवाली में भी गौशाला का निर्माण किया गया है। जल्द ही इस गौशाला का पंजीकरण करवाया जाएगा। इसके अलावा सुखदर्शनपुर स्थित भवन का उपयोग करते हुए गौवंश अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें पंचगव्य उत्पाद भी विकसित किए जाएंगे। इस भवन में स्वदेशी मेले भी आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि हिसार के गांव ढोबी में फॉस्फेट युक्त जैविक खाद का प्लांट स्थापित किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बी. बी. भारती, गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्री रामचंद्र कांबोज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।