हरियाणा में कॉलोनी का लाइसेंस लेने की प्रक्रिया हुई सख्त, अब बिल्डरों को करना होगा ये काम
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में कॉलोनी का लाइसेंस लेने की प्रक्रिया को समयबद्ध करने के साथ बिल्डरों और डेवलपर्स की जवाबदेही बढ़ाने की तैयारी है।
मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा सरकार ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के माध्यम से हरियाणा विकास और शहरी क्षेत्रों के विनियमन (संशोधन) नियम, 2026 का मसौदा जारी किया है। इसके तहत आवासीय कॉलोनियों के लाइसेंस नियमों को सख्त बनाया गया है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक इसमें विभाग को आवेदक की कमियां बताने के लिए 90 दिन और आवेदक को उन्हें दूर करने के 60 दिन देने का प्रस्ताव है। कम घनत्व वाली हरित कॉलोनियों में सोलर प्लांट, बारिश के पानी को सहेजने और दोबारा इस्तेमाल करने की व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट और कंपोस्ट प्लांट जरूरी होंगे। इनमें अधिकतम 25 व्यक्ति प्रति एकड़ रह सकेंगे। विभाग के अधिसूचना जारी करने से 30 दिन तक सुझाव या आपत्ति भेजी जा सकती है।
मिली जानकारी के अनुसार लाइसेंस आवेदन करने वाले को निर्धारित फॉर्म और सभी जरूरी दस्तावेजों व नक्शों के साथ देना होगा। विभाग आवेदन में कमियां 90 दिन के भीतर बताएगा। आवेदक 60 दिन में कमियां दूर कर दोबारा आवेदन करता है तो समीक्षा फीस जब्त नहीं होगी। तय अवधि में सुधार नहीं होने पर आवेदन कारण बताते हुए लौटाया जाएगा और फीस जब्त हो जाएगी। Haryana News
जानकारी के मुताबिक आवेदन खारिज करने से पहले निदेशक को आवेदक को सुनवाई का मौका देना होगा। आवेदन नियमों के अनुरूप न होने, नक्शे और डिजाइन तकनीकी रूप से कमजोर या अव्यावहारिक होने अथवा जलापूर्ति मुख्य लाइन और बाहरी सीवर की अनुमानित लागत कॉलोनी के आकार के अनुरूप न होने पर इसे खारिज किया जा सकेगा। यदि निदेशक आवेदन से संतुष्ट नहीं होते हैं तो आवेदन मिलने के छह महीने के भीतर उसे अस्वीकार करने का प्रस्ताव है।
मिली जानकारी के अनुसार जमीन मालिक चाहें तो विभाग से लेआउट प्लान और जरूरी दस्तावेज भी तैयार करा सकेंगे। इसके लिए 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क प्रस्तावित है। Haryana News
लाइसेंस के लिए आवेदन में ये सब बताना होगा..
जमीन मालिक और डेवलपर की जानकारी, हर खसरे का ब्योरा, बिक्री विलेख, जमाबंदी, इंतकाल और नक्शा देना होगा।
जमीन पर रहन, पट्टा, गैर-मरूसी अधिकार, मुकदमा, अदालती आदेश या अधिग्रहण है तो उसका ब्योरा देना होगा। Haryana News
जमीन मालिक या डेवलपर के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही चल रही है तो इसकी जानकारी देनी होगी।
कॉलोनी तक पहुंच के लिए 22 फीट चौड़े राजस्व रास्ते, सेक्टर सड़क या नजदीकी लाइसेंसशुदा कॉलोनी की सड़क का ब्योरा देना होगा।
दूसरे की जमीन से रास्ता होने पर गिफ्ट डीड या अटूट सहमति का दस्तावेज लगाना होगा। Haryana News
डेवलपर को पिछले 10 लाइसेंसों, दूसरी अनुमतियों और बकाया का विवरण देना होगा।
विशेषज्ञों की डिग्री, चुकता पूंजी, नेटवर्थ, शेयरहोल्डिंग, निदेशकों की सूची, तीन साल के आयकर रिटर्न और बैंक स्टेटमेंट देने होंगे।
गलत जानकारी या तथ्य छिपाने से होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी के लिए क्षतिपूर्ति बंध-पत्र देना होगा। Haryana News
यह घोषणा भी करनी होगी कि इसी जमीन के लिए कहीं और लाइसेंस या भूमि उपयोग परिवर्तन का आवेदन नहीं किया गया है।
कम घनत्व वाली कॉलोनियों में ये सुविधाएं जरूरी होंगी...
हर इकाई की जरूरत के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र। Haryana News
वर्षाजल का भंडारण, शुद्धिकरण, वितरण और पुनर्चक्रण।
बाहरी जल स्रोत पर निर्भरता कम करने और भूजल दोहन न्यूनतम रखने की व्यवस्था।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पानी के पुनर्चक्रण की सुविधा।
खेती, फलारिश व घरेलू उपयोग के लिए अलग जल वितरण व्यवस्था। Haryana News
जैविक कचरे के लिए कॉलोनी स्तर पर कंपोस्ट प्लांट।
आवासीय घनत्व अधिकतम 25 व्यक्ति प्रति एकड़ रखने का प्रस्ताव।