हरियाणा में महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, डेयरी खोलने के लिए 500 गज भूमि देगी सरकार

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हरियाणा में महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, डेयरी खोलने के लिए 500 गज भूमि देगी सरकार

Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा में महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हरियाणा में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पंचायतों की भूमि पर डेयरी संचालन के लिए 500 गज तक जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम) में पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों को पांच वर्ष के लिए पंचायती भूमि पट्टे पर दी जाएगी। इसके लिए सभी जिलों में उपायुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समितियों का गठन कर दिया गया है। समिति की मंजूरी के बाद ही पंचायती भूमि आवंटित की जाएगी।

हरियाणा पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार ने सभी उपायुक्तों को नए नियमों और दिशा-निर्देशों संबंधी पत्र जारी किया है। जिलास्तरीय समिति में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और

ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पास कराना होगा

स्वयं सहायता समूह या उनकी सहकारी समितियां ग्राम पंचायत, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), खंड विकास व पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) या संबंधित पंचायत के समक्ष आवेदन कर सकेंगी। यदि एक से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो सरपंच की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति लॉटरी से चयन करेगी।

भूमि आवंटन के लिए ग्राम पंचायत में एक-तिहाई सदस्यों, ग्राम सभा में उपस्थित सदस्यों के एक-दस्वे हिस्से या 300 सदस्यों (जो भी कम हो) के बहुमत से प्रस्ताव पारित कराना अनिवार्य होगा। इसके बाद प्रस्ताव डीडीपीओ को भेजा जाएगा।

जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) को सदस्य बनाया गया है।

योजना के तहत केवल उसी गांव के स्वयं सहायता समूह पात्र होंगे, जिनके सदस्य संबंधित गांव के निवासी हों। समूह कम से कम एक वर्ष से सक्रिय हो, नियमित बचत और ऋण का रिकॉर्ड रखता हो तथा

पट्टाधारकों को प्रति वर्ष प्रति 100 वर्ग गज के हिसाब से न्यूनतम 1,000 शुल्क देना होगा। नियमानुसार तीन पशुओं के लिए 50 वर्ग गज और 10 पशुओं के लिए 350 वर्ग गज तक भूमि मिलेगी, जबकि अधिकतम सीमा 500 वर्ग गज होगी।

पट्टा प्रारंभिक रूप से पांच वर्ष के लिए मिलेगा, कार्य संतोषजनक होने पर तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। इसके बाद भूमि पंचायत को वापस करनी होगी। किसी शिकायत, अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में पंचायत पट्टा अवधि पूरी होने से पहले भी निरस्त कर सकेगी।

किसी सरकारी योजना या बैंक के साथ विवाद में न हो।

समूह में न्यूनतम 10 सदस्य होना और बैठकों में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि किसी सदस्य के नाम 500 गज या उससे अधिक भूमि है तो वह योजना के लिए पात्र नहीं होगी।

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