हरियाणा के इन 12 गांवों से जमीन खरीदेगी सरकार, नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर 50 हजार को देगी रोजगार
Udaipur Times, Gurugram Industrial Hub: हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) ने गुरुग्राम जिले में तीन नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस परियोजना के तहत करीब 1,800 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। इसके लिए पटौदी और फर्रुखनगर क्षेत्र के करीब 12 गांवों की जमीन चिन्हित की गई है। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, नए निवेश आएंगे और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
ई-भूमि पोर्टल (e-Bhumi Portal) से खरीदी जाएगी जमीन
अधिकारियों के अनुसार, जमीन का अधिग्रहण पारंपरिक प्रक्रिया से नहीं बल्कि ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इस व्यवस्था में किसान और जमीन मालिक अपनी जमीन का विवरण पोर्टल पर दर्ज कर स्वयं बिक्री की कीमत तय करेंगे। इसके बाद सरकार इच्छुक भूमि मालिकों से बातचीत कर के आधार पर जमीन खरीदेगी। सरकार का कहना है कि यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सहमति आधारित होगी।
तीन चरणों में विकसित होंगे औद्योगिक क्षेत्र
परियोजना के तहत तीन अलग-अलग औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
पहला इंडस्ट्रियल हब पटौदी क्षेत्र में करीब 750 एकड़ में विकसित होगा। इसके लिए रामपुर, जनौला, झोरी और जटोला समेत कई गांवों की जमीन ली जाएगी। यहां छोटे और मध्यम उद्योगों के साथ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी।
दूसरा औद्योगिक क्षेत्र पटौदी-फर्रुखनगर कॉरिडोर में करीब 500 एकड़ में विकसित होगा। इस क्षेत्र में जटोला, ताजनगर और सांपका, जोरी जैसे गांव शामिल होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यहां बड़े उद्योग और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के आने की संभावना है।
तीसरा इंडस्ट्रियल हब फर्रुखनगर-हरसरू बेल्ट में करीब 550 एकड़ में बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य क्षेत्र के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करना और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से बेहतर संपर्क स्थापित करना है। इसमें चार गांव की बाबरा बाकीपुर, ख्वासपुर, पतली हाजीपुर, धाना गांव से जमीन खरीदने की योजना है।
KMP एक्सप्रेसवे का मिलेगा फायदा
इन सभी प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों को कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे की बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। इससे माल ढुलाई आसान होगी और उद्योगों के लिए परिवहन लागत भी कम होगी।
रोजगार और रियल एस्टेट को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों का अनुमान है कि इस परियोजना से 50 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही आसपास के गांवों में सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। औद्योगिक विकास के साथ इन क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं और रियल एस्टेट की मांग बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।
सरकार का मानना है कि तीनों नए औद्योगिक क्षेत्र गुरुग्राम के मौजूदा शहरी इलाकों पर दबाव कम करेंगे और जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देंगे। इससे हरियाणा के औद्योगिक विस्तार को भी नई गति मिलेगी।
