हरियाणा के इस जिले में बनेगा नया मिनी बाइपास, पांच गांवों से जमीन खरीदेगी सरकार

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हरियाणा के इस जिले में बनेगा नया मिनी बाइपास, पांच गांवों से जमीन खरीदेगी सरकार 

Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। प्रदेश के सिरसा शहर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में प्रस्तावित मिनी बाइपास को लेकर करीब आठ साल बाद आखिरकार प्रशासनिक पहिया तेजी से घूमने लगा है। मुख्यमंत्री की वर्ष 2018 की घोषणा के तहत बनने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए हरियाणा सरकार पहले ही 328.94 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे चुकी है। 

जानकारी के अनुसार अब 206.12 एकड़ (8.34 लाख वर्गमीटर) भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग (भवन एवं मार्ग) ने तहसीलदार, सिरसा को पत्र भेजकर संबंधित भूमि के स्वामित्व और रिकॉर्ड की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से भूमि खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। Haryana News

इस परियोजना को लंबे समय से शहर की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत योजनाओं में माना जा रहा है। वर्तमान में हिसार, फतेहाबाद, डबवाली और ऐलनाबाद की ओर से आने वाले भारी वाहन शहर के भीतर से गुजरते हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। मिनी बाइपास बनने के बाद भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा और ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। साथ ही दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र के गांवों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। Haryana News

इन पांच गांवों से गुजरेगा बाइपास

प्रस्तावित मिनी बाइपास सिकंदरपुर, बाजेका, शाहपुर बेगू, नटार और रामनगरिया गांवों से होकर गुजरेगा। इनमें सबसे अधिक 74.09 एकड़ भूमि शाहपुर बेगू गांव की अधिग्रहीत की जाएगी। इसके अलावा नटार में 66.31 एकड़, बाजेका में 44.86 एकड़, सिकंदरपुर में 19.31 एकड़ तथा रामनगरिया में 1.54 एकड़ भूमि परियोजना में शामिल होगी। कुल मिलाकर 206.12 एकड़ भूमि बाइपास के लिए प्रस्तावित है।

व्यापार और उद्योग को भी मिलेगा लाभ

मिनी बाइपास बनने से केवल ट्रैफिक व्यवस्था ही बेहतर नहीं होगी, बल्कि औद्योगिक इकाइयों, मंडियों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच माल ढुलाई भी आसान होगी। शहर के अंदर भारी वाहनों की आवाजाही कम होने से दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी, ईंधन की बचत होगी और यात्रा समय भी कम होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। Haryana News

बड़ी चुनौती होगी भूमि खरीद

परियोजना के लिए प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण चरण भूमि खरीद और अधिग्रहण का है। पांच गांवों की 206 एकड़ से अधिक भूमि का स्वामित्व अलग-अलग खातेदारों के नाम दर्ज है। ऐसे में राजस्व रिकॉर्ड का मिलान, स्वामित्व की पुष्टि और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। विभाग का प्रयास है कि प्रारंभिक स्तर पर ही रिकॉर्ड संबंधी सभी विसंगतियों को दूर कर दिया जाए।

60 मीटर चौड़ा होगा कॉरिडोर

परियोजना के प्रस्तावित नक्शे में 60 मीटर चौड़े कॉरिडोर का प्रावधान किया गया है। इसके साथ सड़क के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना भी शामिल है। बाइपास बनने से शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होने के अलावा भविष्य में बढ़ते यातायात को भी व्यवस्थित किया जा सकेगा। इससे औद्योगिक क्षेत्रों, मंडियों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। Haryana News

PWD के पत्र के बाद प्रशासन सक्रिय

लोक निर्माण विभाग ने 26 जून 2026 को तहसीलदार, सिरसा को पत्र जारी कर प्रस्तावित भूमि का सत्यापन करने के निर्देश दिए। पत्र में स्पष्ट किया गया कि भूमि के स्वामित्व, खसरा नंबर और राजस्व रिकॉर्डों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि ई-भूमि पोर्टल पर भूमि खरीद की कार्रवाई शुरू की जा सके। इसके बाद तहसीलदार कार्यालय से संबंधित पटवारियों को निर्देश जारी करते हुए रिपोर्ट और रिकॉर्ड सत्यापन प्रस्तुत करने को कहा। इससे स्पष्ट है कि परियोजना की प्रशासनिक प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है।

किसानों की निगाह अब मुआवजे के दरी पर

भूमि सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही प्रभावित गांवों की किसानों की निगाहें अब मुआवजे की दरों और सरकार की नीति पर टिक गई हैं। प्रशासन का कहना है कि पहले राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन पूरा किया जाएगा। इसके बाद ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से भूमि खरीद अथवा अधिग्रहण की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ेगी। यदि सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी होती हैं तो वर्षों से लंबित इस परियोजना पर जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना भी बन सकती है। Haryana News

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप मिनी बाइपास परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वर्तमान में भूमि के स्वामित्व और राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन कराया जा रहा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से भूमि खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी। विभाग का प्रयास है कि सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी कर परियोजना को जल्द धरातल पर उतारा जाए।

-संजय सभरवाल, एक्सांईएन, पीडब्ल्यूडी (भवन एवं मार्ग), सिरसा।

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