हरियाणा में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में नहीं चलेगी मेडिकल सर्टिफिकेट में देरी, 3 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने वर्ष 2026 की ऑनलाइन तबादला नीति के तहत कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कर्मचारियों को 72 घंटों में मेडिकल सर्टिफिकेट मिलेगा, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने एम्स, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, पीजीआईएमएस रोहतक तथा हरियाणा और चंडीगढ़ स्थित सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के निदेशकों को निर्देश दिए हैं कि मेडिकल बोर्ड कर्मचारियों के आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें और पात्र मामलों में तीन दिनों के भीतर मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करें।
अतिरिक्त मुख्य सचिव,
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की ओर से शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि हरियाणा सरकार द्वारा अधिसूचित मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2026, जो 25 जून 2026 से लागू है, के तहत गंभीर बीमारियों के आधार पर अतिरिक्त अंक प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के लिए अधिकृत मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र अनिवार्य है। यह सुविधा केवल विधिवत गठित मेडिकल बोर्डों द्वारा ही प्रदान की जाएगी।
आदेश के अनुसार कर्मचारी, उनके जीवनसाथी, अविवाहित पुत्र अथवा अविवाहित पुत्री यदि नीति में निर्धारित गंभीर बीमारियों से प्रभावित हैं और ट्रांसफर नीति के तहत अंक प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें मेडिकल बोर्ड से प्रमाणित मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी आवेदनों की जांच प्राथमिकता से की जाए और पात्र पाए जाने पर आवेदन प्राप्त होने की तिथि से अधिकतम तीन दिनों के भीतर प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
मेडिकल सर्टिफिकेट जारी होने से ट्रांसफर ड्राइव निर्धारित समय में होगा पूरा
विभाग का मानना है कि समय
किन संस्थानों के मेडिकल बोर्ड जारी करेंगे प्रमाण पत्र
एम्स
पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़
पीजीआईएमएस, रोहतक
नई दिल्ली के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज
चंडीगढ़ का सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (सेक्टर-32)
हरियाणा के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज
पर मेडिकल प्रमाण पत्र जारी होने से ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव निर्धारित समय में पूरी हो सकेगी तथा कर्मचारियों को अनावश्यक भागदौड़ और विलंब का सामना नहीं करना पड़ेगा। विभाग ने सभी संस्थानों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है। आदेश की प्रतिलिपि चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ-साथ मानव संसाधन विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
