हरियाणा सरकार देगी 15 लाख रुपये! आज ही शुरू करें ये नया बिजनेस, ऐसे करें आवेदन
Udaipur Times, Haryana News, सिरसा : सीमित भूमि होने के बावजूद अगर आप मत्स्य पालन क्षेत्र में अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत एकीकृत सजावटी मछली इकाई (ताजे पानी की मछलियों के प्रजनन एवं पालन) स्थापना योजना बेहतर अवसर प्रदान करती है।
योजना के तहत 25 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत और अनुसूचित जाति तथा महिला लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। यानि पात्र महिला एवं एससी वर्ग के आवेदकों को अधिकतम 15 लाख रुपये, जबकि सामान्य वर्ग के आवेदकों को 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, मत्स्य उत्पादन बढ़ाना और सजावटी मछलियों के व्यवसाय को संगठित व्यावसायिक स्वरूप देना है।
इन्हें मिलेगा योजना का लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। साथ ही उसे विभाग को यह लिखित में देना होगा कि परियोजना की स्थापना के बाद उसके संचालन, रखरखाव और प्रबंधन का पूरा खर्च वह स्वयं वहन करेगा। योजना का लाभ केवल उन लाभार्थियों को मिलेगा, जिनके पास कम से कम 500 वर्ग मीटर भूमि तथा पर्याप्त जल सुविधा उपलब्ध है।
यही नहीं, कम से कम सात वर्ष की पंजीकृत लीज पर ली गई भूमि पर भी परियोजना को मंजूरी मिल सकती है। योजना के तहत स्थापित होने वाली एकीकृत सजावटी मछली इकाई में शेड, प्रजनन टैंक, नर्सरी टैंक, पालन टैंक, जल एवं बिजली की व्यवस्था, लाइव फीड कल्चर, छोटी प्रयोगशाला तथा अन्य आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित करना होगा। इसका संचालन प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की देखरेख में किया जाएगा।
ये दस्तावेज जरूरी
आवेदक को आयु प्रमाण, आधार कार्ड अथवा दसवीं का प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), मत्स्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी रिकॉर्ड, बैंक खाते एवं पैन कार्ड का विवरण, परियोजना स्थल के फोटो, स्पष्ट साइट प्लान तथा पीएमएमएसवाई के दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार परियोजना प्रस्ताव जमा करवाना होगा। इसके अलावा 50 हजार रुपये से अधिक की खरीद के सभी बिल जीएसटी, आयकर एवं ई-वे बिल नियमों के अनुरूप होने चाहिए। ऐसे सभी बिलों के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) का प्रमाण पत्र भी अनिवार्य रहेगा।
150 वर्ग मीटर भूमि के मामले में भी मिलेगा लाभ
इस योजना के अलावा 'मध्यम पैमाने की ताजा पानी की सजावटी मछली पालन' इकाइयों की स्थापना के लिए भी सब्सिडी दी जाती है। इस योजना में पर्याप्त जल आपूर्ति के साथ कम से कम 150 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध होनी चाहिए। योजना के तहत प्रति इकाई परियोजना लागत आठ लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिस पर सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को लागत का 40 प्रतिशत अधिकतम 3 लाख 20 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। वहीं अनुसूचित जाति और महिला वर्ग के लाभार्थियों के लिए यह सहायता लागत का 60 प्रतिशत यानि अधिकतम 4 लाख 80 हजार रुपये तक होगी।
युवाओं और महिलाओं के लिए बेहतर अवसर
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने कहा कि सजावटी मछली पालन कम भूमि में शुरू होने वाला ऐसा व्यवसाय है, जिसमें अच्छी तकनीक और उचित प्रबंधन के साथ बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। सरकारी सब्सिडी मिलने से शुरुआती निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है। यही कारण है कि यह योजना बेरोजगार युवाओं, किसानों, महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
इस योजना के माध्यम से सजावटी मछली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और मत्स्य पालन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का विस्तार होगा। इच्छुक लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले सभी पात्रता शर्तों और आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी पूरी कर लें, ताकि अनुदान प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
