हरियाणा में अब नहीं लटकेगी गांवों के विकास कार्य की फाइल, पंचायत विभाग के अधिकारियों के लिए समय-सीमा तय

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हरियाणा में अब नहीं लटकेगी गांवों के विकास कार्य की फाइल, पंचायत विभाग के अधिकारियों के लिए समय-सीमा तय 

Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के गांवों में विकास और विधायकों के प्रस्ताव अब धीमी गति से आगे नहीं बढ़ेंगे। विधायकों और चंडीगढ़ मुख्यालय से भेजे गए प्रस्तावों पर पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को 13 दिन में फैसला लेना पड़ेगा।

विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अब हरियाणा ग्रामीण विकास योजना, हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड, विधायक आदर्श नगर ग्राम जैसी योजनाओं के प्रस्तावों को लेकर हरियाणा परफॉर्मेंस मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरपीएमस) पोर्टल की शुरुआत कर दी है। अब जैसे ही कोई प्रस्ताव आएगा, जिला परिषद के CEO की ओर से तीन दिन में कार्य की ग्राउंड रियलिटी जानने के लिए फाइल को आगे बढ़ाना होगा। कुल 13 दिनों में सभी जांचें होने के बाद यह फैसला हो जाएगा कि काम होने लायक है या नहीं। यदि है तो फिर तकनीकी मंजूरी राशि के अनुसार 2 से 21 दिनों में देनी होगी।

इसके बाद फाइल चंडीगढ़ मुख्यालय पहुंच जाएगी। खास बात यह है कि हरियाणा रूरल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम के तहत ग्रामीण विकास कार्यों की शुरू से आखिर तक ट्रैकिंग होगी। यानी जनप्रतिनिधियों से सिफारिशें मिलने से लेकर जमीन पर काम के पूरी तरह पूरा होने तक सबकुछ सामने होगा।

क्यों पड़ी इस कड़े फैसले की जरूरत

चौपाल निर्माण, श्मशान घाट विकास, सड़कें, नालियां व स्ट्रीट लाइट के प्रस्ताव पास होने के बावजूद फाइलें महीनों तक धूल फांकती रहती थीं। बीडीपीओ, जेई और एसडीओ स्तर पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट और एस्टीमेट को लेकर ही फाइलें अटकी रहती हैं। सूत्रों का कहना है कि जिलों में कुछ विधायकों के काम तेजी से हो जाते हैं तो कुछ के अटक रहते हैं।

गांव के विकास पर क्या होगा असर

पंचायतों को अब फाइल पास कराने के लिए अफसरों के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

अक्सर वित्तीय वर्ष के अंत तक फाइलें लटकी रहने के कारण बजट लैप्स हो जाता था, जिस पर अब विराम लगेगा।

योजनाओं के तहत स्वीकृत सभी विकास कार्य अब इसी फास्ट-ट्रैक मोड से पूरे होंगे।

जानिए... फाइल आगे बढ़ाने को कितना समय हुआ तय

मांग पत्र मिलने के 3 दिन के भीतर जिला परिषद सीईओ फाइल बीडीपीओ को भेजेंगे।

बीडीपीओ 5 दिनों में फिजिबिलिटी पोर्टल पर अपलोड करेंगे।

जेई 3 दिनों में फिजिबिलिटी चेक कर रिपोर्ट अपलोड करेंगे।

एसडीओ इसके बाद दो दिन में फिजिबिलिटी चेक करेंगे।

25 लाख से ढाई करोड़ के कार्य के लिए एस्टीमेट 2 से 21 दिन में तैयार करे जिसे सीईओ को भेजेंगे।

सीईओ तीन दिन में प्रशासनिक स्वीकृति के लिए तीन दिन में फाइल भेजेंगे। मुख्यालय 7 दिनों में सरकार की मंजूरी के लिए फाइल भेजेंगे।

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