हरियाणा में पुरानी गाड़ियां स्क्रैप करने पर अब ₹20 करोड़ तक की मिलेगी सब्सिडी
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने राज्य में वाहनों के कबाड़ (स्क्रैप) के रिसाइकिलिंग को बढ़ावा देने और इस असंगठित क्षेत्र को मुख्यधारा में लाने के लिए चार योजनाएं जारी की हैं। इसके तहत निवेश करने वालों को 20 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी मिलेगी।
पूंजीगत सब्सिडी योजना राज्य में पंजीकृत वाहन कबाड़ सुविधाओं को अब उद्योग का दर्जा दिया गया है। इस कदम से कबाड़ बिजनेस में आने वाले उद्यमियों की लागत कम होगी और निवेश बढ़ेगा। इस योजना के तहत उद्योगों को उनके आकार (सूक्ष्म, लघु, मध्यम, बड़े और मेगा) और क्षेत्रों के आधार पर 25% तक की एकमुश्त पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। जिसकी अधिकतम सीमा 20 करोड़ रुपए तक तय की गई है। एमएसएमई श्रेणी में पहले आने वाली 30 यूनिट तो मध्यम व बड़े उद्योग श्रेणी में पहली 15-15 जबकि मेगा श्रेणी में पहली दो यूनिट को लाभ दिया जाएगा।
इनके अलावा कौशल विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र योजना, पार्क डेवलपर्स योजना, नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति योजना लागू की है। इसके तहत उद्योगों को काफी छूट का प्रावधान किया गया है। बता दें कि हरियाणा में 1.08 लाख वाहन निर्धारित आयु पार कर चुके हैं।
ये योजनाएं भी हुईं लागू
सरकार ने कौशल विकास, पार्क विकास और औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। कौशल विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र योजना के तहत सरकारी संगठनों, पीएसयू और निजी कंपनियों द्वारा स्थापित किए जाने वाले तीन उत्कृष्टता केंद्रों को परियोजना लागत का 50% या अधिकतम 5 करोड़ रुपए तक अनुदान दिया जाएगा। इसमें 50% राशि केंद्र की स्थापना और शेष राशि संचालन में उपयोग होगी। अनुदान पांच समान वार्षिक किस्तों में जारी किया जाएगा।
वहीं, पार्क डेवलपर्स योजना के तहत नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के मानकों के अनुसार 15 से 50 एकड़ क्षेत्र में पार्क विकसित किए जाएंगे। इको पार्क और रीसाइकिलिंग पार्क के लिए भूमि को छोड़कर कुल लागत का 10%, अधिकतम 20 करोड़ रुपए तक सहायता मिलेगी। नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति योजना के तहत अल्ट्रा-मेगा परियोजनाओं को विशेष पैकेज और मेगा परियोजनाओं को श्रेणी के अनुसार 15 से 100% तक एसजीएसटी प्रतिपूर्ति का लाभ मिलेगा।
