हरियाणा में पुराने वाहन बदलने पर सरकार देगी ये छूट, जाने पूरा प्लान ?

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हरियाणा में पुराने वाहन बदलने पर सरकार देगी ये छूट, जाने पूरा प्लान ?

Udaipur Times, Haryana News, रोहतक : उपायुक्त सतबीर सिंह ने एनसीआर क्षेत्र में संचालित पुराने एवं प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों के मालिकों से अपील की है कि वे सरकार की वाहन परिवर्तन योजना का लाभ उठाते हुए निर्धारित समय सीमा में अपने पुराने वाहनों को बदलें। उन्होंने कहा कि पुराने वाहनों के स्थान पर नए, कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन अपनाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वाहन मालिकों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।

सतबीर सिंह स्थानीय कैंप कार्यालय में आयोजित सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वाहन मालिक पुराने वाहनों को चलाकर नियमों के उल्लंघन की स्थिति से बचने के लिए समय रहते उन्हें बदलने की प्रक्रिया अपनाएं। विशेष रूप से निजी बस, ट्रक एवं मालवाहक वाहनों के मालिकों को एनसीआर में लागू नियमों का पालन करना चाहिए। 

उपायुक्त ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से एनसीआर क्षेत्र में चलने वाले पुराने प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों एवं बसों को बदलने के लिए योजना शुरू की गई है। इसके तहत बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 और बीएस-4 श्रेणी के पुराने वाहनों के स्थान पर बीएस-6 मानक वाले अथवा इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

पुराने वाहन बदलने पर मिलेंगे विभिन्न प्रोत्साहन

उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि योजना के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार पुराने वाहनों को अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र में जमा करवाने पर वाहन मालिकों को विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन मिल सकते हैं। बीएस-1, बीएस-2 एवं बीएस-3 श्रेणी के पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाने पर 10 वर्ष तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत तक छूट तथा नए वाहन के पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। 

इसके अतिरिक्त वाहन निर्माता की ओर से नए वाहन की कीमत में 8 प्रतिशत तक अतिरिक्त छूट तथा 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सहित अन्य लाभ भी निर्धारित शर्तों के अनुसार मिल सकते हैं। उन्होंने वाहन मालिकों से योजना की पात्रता, लाभ एवं आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी प्राप्त कर समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया।

पर्यावरण संरक्षण के साथ वाहन मालिकों को भी होगा आर्थिक लाभ

सतबीर सिंह ने कहा कि पुराने एवं अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को बदलना वायु प्रदूषण कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की यह योजना पर्यावरण को स्वच्छ रखने के साथ-साथ वाहन मालिकों को आर्थिक राहत प्रदान करने में भी सहायक होगी। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित या निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले वाहनों को चलाने के बजाय योजना का लाभ लेकर नए वाहन अपनाना उपयोगी विकल्प है। 

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजना की जानकारी अधिक से अधिक वाहन मालिकों, स्कूल संचालकों, निजी बस ऑपरेटरों एवं ट्रांसपोर्टरों तक पहुंचाएं, ताकि पात्र लाभार्थी इसका लाभ उठा सकें और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को गति मिल सके।

इस अवसर पर प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण के सचिव वीरेंद्र सिंह ढुल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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