हरियाणा में अब सिर्फ ऑनलाइन मंजूर होंगे कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के पद, फिजिकल फाइलों पर लगी रोक

 | 
हरियाणा में अब सिर्फ ऑनलाइन मंजूर होंगे कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के पद, फिजिकल फाइलों पर लगी रोक

Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के लिए सुपरन्यूमेरी पदों के सृजन और मंजूरी की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी। वित्त विभाग ने फिजिकल फाइलों के जरिए भेजे जाने वाले प्रस्तावों पर रोक लगा दी है। सभी संबंधित विभागों, बोर्ड-निगमों और अन्य संस्थानों को निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही प्रस्ताव भेजने होंगे।

कागजी फाइलों पर अब कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। वित्त विभाग की बजट एवं कमेटी शाखा ने 17 अगस्त को सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों व मुख्य प्रशासकों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को इस संबंध में नए सिरे से निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन प्रक्रिया के संबंध में 23 दिसंबर, 2025 को ही निर्देश जारी किए जा चुके थे। इसके बावजूद कई विभाग सुपरन्यूमेरी पदों के प्रस्ताव भौतिक फाइलों के माध्यम से भेज रहे थे।

नियमित नहीं होने पर अतिरिक्त पद का प्रावधान

हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्पलाइज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विसेज) एक्ट, 2024 और इसके तहत बनाए गए नियमों, 2025 के तहत पात्र कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का प्रावधान है। ऐसे कर्मचारियों के समायोजन के लिए यदि संबंधित विभाग में नियमित स्वीकृत पद उपलब्ध नहीं है तो सुपरन्यूमेरी पद सृजित किया जा सकता है। इसके लिए वित्त विभाग की मंजूरी जरूरी होगी। नई व्यवस्था के तहत सरकारी विभागों के साथ बोर्ड-निगमों, प्राधिकरणों और जिला स्तर से आने वाले प्रस्ताव भी ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए ही भेजे जाएंगे।

चार साल बाद फिर खंगाला जाएगा सरकारी पदों का हिसाब

हरियाणा सरकार के विभागों में स्वीकृत पदों का 4 साल पुराना हिसाब अब दोबारा खंगाला जाएगा। वित्त विभाग ने वर्ष 2022 में प्रमाणित कर ई-पोस्ट सिस्टम में फ्रीज किए गए पदों के डेटा की मौजूदा स्थिति से समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। जिन विभागों का रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ है, उन्हें डेटा दुरुस्त करना होगा। पदों की संख्या या स्थिति में बदलाव मिलने पर उसका कारण और औचित्य भी बताना होगा। वित्त विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ अंबाला, हिसार, गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल और रोहतक मंडलों के मंडलायुक्तों को पत्र भेजा है। विभाग की वेबसाइट पर भी निर्देश जारी किए गए हैं। वर्ष 2022 में प्रशासनिक विभागों से स्वीकृत पदों का प्रमाणित डेटा लेकर ई-पोस्ट सिस्टम में फ्रीज किया गया था। अब चार साल बाद उस रिकॉर्ड का वर्तमान स्थिति से मिलान किया जाएगा। वित्त विभाग ने पाया है कि कुछ विभागों का ई-पोस्ट डेटा अभी तक अपडेट नहीं हुआ है।

2022 में फ्रीज ई-पोस्ट रिकॉर्ड का मौजूदा स्थिति से होगा मिलान, पद बढ़े या घटे तो देना होगा कारण

बदलाव पर वित्त विभाग की नजर

यदि किसी विभाग में पदों की संख्या या स्थिति में बदलाव हुआ है तो संबंधित प्रस्ताव वित्त विभाग की एक्सपेंडिचर कंट्रोलिंग ब्रांच को भेजना होगा। प्रस्ताव का परीक्षण केस-टू-केस आधार पर किया जाएगा। इसमें पदों में बदलाव का स्पष्ट कारण और औचित्य देना जरूरी होगा। इससे स्वीकृत पदों के रिकॉर्ड में मनमाने बदलाव पर रोक लगेगी और पुराने प्रमाणित आंकड़ों तथा मौजूदा स्थिति के बीच अंतर का आधार भी दर्ज रहेगा।

विभागवार रिकॉर्ड होगा अपडेट

संबंधित एक्सपेंडिचर कंट्रोलिंग ब्रांचों को अपने-अपने विभागों के साथ समन्वय कर ई-पोस्ट डेटा का सत्यापन और जरूरी अपडेट कराने कहा गया है। पत्र की प्रति राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, एनआईसी हरियाणा को भी भेजी गई है। वित्त विभाग के कंप्यूटर सेल को निर्देश वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए दिए गए हैं। कवायद का मकसद विभागवार यह स्पष्ट करना है कि वर्तमान में कितने पद स्वीकृत हैं और ई-पोस्ट सिस्टम में दर्ज आंकड़े वास्तविक स्थिति से मेल खाते हैं या नहीं है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News