हरियाणा में 1 जुलाई से लागू होगी नई रोजगार योजना, मनरेगा की जगह वीबीजी रामजी से मिलेगा 125 दिन रोजगार
Udaipur Times, Haryana News, VBG Ramji Mission implemented in Haryana : हरियाणा में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। राज्य में अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (वीबीजी रामजी) लागू किया जाएगा। नई योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को पहले से अधिक रोजगार और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
125 दिन मिलेगा रोजगार
नई योजना का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण श्रमिकों को होगा। जहां मनरेगा के तहत साल में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं वीबीजी रामजी योजना के तहत अब 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
2 जुलाई को होगा राष्ट्रीय शुभारंभ
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से इस योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में सभी राज्यों के ग्राम विकास मंत्री और अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे।
हरियाणा सरकार तैयारियों में जुटी
हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि नई योजना को लागू करने की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और राज्य सरकार जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी करेगी।
जिला, खंड और ग्राम स्तर पर अधिकारियों, कर्मचारियों, सरपंचों और ग्राम सचिवों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि योजना बिना किसी बाधा के लागू हो सके।
तकनीक और पारदर्शिता पर रहेगा जोर
नई योजना में रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाएगा। आधुनिक तकनीक के जरिए श्रमिकों को समय पर काम और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, कार्यस्थलों की निगरानी और भुगतान व्यवस्था को भी और मजबूत किया जाएगा।
विकास कार्यों का दायरा बढ़ेगा
केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी पात्र श्रमिक का रोजगार का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। आने वाले समय में योजना के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों की सूची का भी विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थायी विकास कार्यों को गति मिलेगी।
हरियाणा को मिलेंगे 590 करोड़ रुपये
दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय बैठक में तय किया गया कि हरियाणा को वीबीजी रामजी योजना के तहत कार्यों के लिए 590 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार ने कहा है कि मनरेगा के तहत यदि कोई बकाया देनदारियां हैं तो उनके प्रस्ताव भेजे जाएं, ताकि भुगतान प्रक्रिया पूरी की जा सके।
केंद्र ने किया 95 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान
केंद्र सरकार ने इस नई योजना के लिए देशभर में 95 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं, हरियाणा सरकार भी अपने हिस्से के करीब 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
हरियाणा का बेहतर प्रदर्शन
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में हरियाणा लंबे समय से बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहा है। मनरेगा के तहत समय पर भुगतान, डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शिता के लिए राज्य की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर रही है। अब नई योजना के जरिए सरकार रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण और तकनीक आधारित निगरानी को और मजबूत करने की तैयारी में है।
