हरियाणा में इन किसानों पर लगेगा 15 हजार रुपये तक का जुर्माना, जाने वजह ?

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हरियाणा में इन किसानों पर लगेगा 15 हजार रुपये तक का जुर्माना, जाने वजह ? 

Udaipur Times, Haryana News, रोहतक : उपायुक्त सतबीर सिंह ने जिला के किसानों का आह्वान किया है कि वे फसल कटाई के उपरांत फसल अवशेषों को आग न लगाए। किसान फसल अवशेषों का बेहतर प्रबंधन करें। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को इस संदर्भ में किसानों को शिविरों के माध्यम से जागरूक करने के निर्देश दिए है।

उपायुक्त के निर्देशानुसार कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कृषि उप निदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक ने कहा है कि सैटेलाइट एवं विभाग द्वारा फसल अवशेष जलाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फसल अवशेष जलाना वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण के दिशा-निर्देशों के विरुद्ध है। 

जिला प्रशासन द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत पहले ही प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर किसानों को अवगत एवं सचेत किया जाता रहा है।

उन्होंने बताया कि साथ ही मैदानी स्तर पर लगातार कृषि विभाग के अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा प्रत्येक गाँव में किसानो को कैंप/नुक्कड सभाएं आयोजित कर जागरूक किया जा रहा है। फसल अवशेष जलाने से लगातार वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, मिट्टी की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, भूमि की उर्वरता एवं जैविक कार्बन में कमी आती है तथा जिंक, बोरॉन, मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व नष्ट हो रहे हैं। 

इसके अलावा वायु प्रदूषण के कारण मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। खेतों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही आग से वृक्ष एवं पशुधन को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है।

डॉ. सुरेंद्र मलिक ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेष के बेहतर प्रबंधन के लिए वैकल्पिक उपाय अपनाए। इन उपायों में फसल अवशेषों से कम्पोस्ट या जैविक खाद बनाना, पशु चारे के रूप में उपयोग, मल्चिंग के माध्यम से नमी संरक्षण तथा रोटावेटर, हैप्पी सीडर, रिवर्स प्लॉउ एवं मल्चर जैसे कृषि यंत्रों (जो कि कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर भी दिए जाते है) से अवशेष को मिट्टी में मिलाना शामिल हंै। 

सभी किसान फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें तथा उन्हें आग न लगाए। फसल अवशेष जलाने पर 2500 रुपए से 15000 रुपए तक का जुर्माना एवं पुलिस कार्रवाई का भी प्रावधान है। फसल अवशेषों की निगरानी के लिए जिला प्रशासन, कृषि विभाग एवं पुलिस विभाग (माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशो पर) की संयुक्त टीमो का गठन भी कर दिया गया है।

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