हरियाणा में सर्टिफिकेट में नाम-जन्मतिथि ठीक कराना होगा महंगा, 10 हजार तक देना पड़ेगा शुल्क
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने शैक्षणिक प्रमाण पत्रों (सर्टिफिकेट) में नाम, माता-पिता के नाम और जन्मतिथि में संशोधन के नियमों को सख्त कर दिया है। बोर्ड की ओर से जारी नए संशोधनों के तहत अब सर्टिफिकेट जितना पुराना होगा, संशोधन शुल्क उतना ही अधिक देना होगा।
जानकारी के अनुसार बोर्ड के इस सख्त कदम से उन छात्रों को तगड़ा झटका लगा है जो पढ़ाई पूरी होने के कई साल बाद अपने दस्तावेजों में बदलाव कराने के लिए पहुंचते हैं। संशोधित नियमों के मुताबिक, शुल्क की पूरी राशि सर्टिफिकेट जारी होने की मूल तिथि से लेकर आवेदन करने की तारीख के बीच के अंतराल के आधार पर तय की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा के अनुसार यह व्यवस्था वर्षों से लंबित मामलों को नियंत्रित करने और शैक्षणिक रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लागू की गई है। बोर्ड ने विद्यार्थियों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपने दस्तावेजों की त्रुटियों को दुरुस्त करवा लें। Haryana News
तीन से छह वर्ष पुराने सर्टिफिकेट वालों को दी गई राहत, इनसे नहीं ली जाएगी कोई फीस
तय किए गए शुल्क का यह रहेगा स्लैब
3 से 6 साल पुराना सर्टिफिकेट: इस श्रेणी के आवेदकों को राहत दी गई है। इन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा, केवल सामान्य शुद्धि फीस ही चुकानी होगी।
6 से 9 साल पुराना सर्टिफिकेट: इस समय अवधि के मामलों में सामान्य फीस के साथ 3,000 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। Haryana News
9 से 12 साल पुराना सर्टिफिकेट: इस अवधि के पुराने दस्तावेजों में संशोधन के लिए 6,000 रुपये का शुल्क तय किया गया है।
12 से 15 साल पुराना सर्टिफिकेट: ऐसे मामलों में सुधार के लिए आवेदकों से 9,000 रुपये शुल्क वसूला जाएगा। Haryana News
15 साल से अधिक पुराना सर्टिफिकेट: 15 साल से ज्यादा पुराने मामलों में अधिकतम 10,000 रुपये का भारी-भरकम शुल्क और सामान्य शुद्धि फीस दोनों लागू होंगे।
इस प्रकार समझें नया नियम
मिली जानकारी के मुताबिक यदि किसी विद्यार्थी ने वर्ष 2010 में अपनी 10वीं या 12वीं की परीक्षा पास की थी और वह वर्तमान वर्ष 2026 में यानी पूरे 16 साल बाद अपने सर्टिफिकेट में नाम या जन्मतिथि ठीक करवाने के लिए आवेदन करता है, तो उसे अधिकतम 10,000 रुपये का शुल्क और बोर्ड की सामान्य शुद्धि फीस दोनों का संयुक्त भुगतान करना होगा। Haryana News
दो अन्य महत्वपूर्ण शर्ते भी हुईं लागू
हाथों-हाथ सर्टिफिकेट लेने पर अतिरिक्त शुल्क: यदि कोई आवेदक अपना संशोधित प्रमाण पत्र डाक के जरिये मंगवाने के बजाय सीधे बोर्ड मुख्यालय से हाथों-हाथ प्राप्त करना चाहता है, तो उसे इसके लिए 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। Haryana News
सरकारी कर्मचारियों के लिए शपथ-पत्र अनिवार्य: जो आवेदक पहले से ही किसी सरकारी सेवा में कार्यरत हैं और अपने सर्विस रिकॉर्ड के मिलान के लिए बोर्ड से नाम या जन्मतिथि में बदलाव करवा रहे हैं, उनके लिए प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट द्वारा सत्यापित शपथ-पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें यह घोषणा करनी होगी कि इस संशोधन से उनकी नौकरी, पदोन्नति या वरिष्ठता पर कोई अनुचित प्रभाव नहीं पड़ेगा।