हरियाणा में नई स्टार्टअप पॉलिसी हुई शुरू, सरकार देगी ₹ 25 लाख रुपये की सहायता
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा स्टेट स्टार्टअप पॉलिसी -2022 में नए नियम जोड़े हैं। इसकी अधिसूचना जारी हुई है। इसके तहत स्टार्टअप शुरू करने वालों को 25 लाख रुपए तक की मदद राज्य सरकार देगी। राज्य में 12,000 डीपीआईआईटी पंजीकृत व मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। देश में यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या 3,910 है। इनमें 14 हरियाणा में है। ये ऐसे स्टार्टअप होते हैं, जिनका वैल्यू 8 हजार करोड़ से अधिक होती है व शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं होती। इसलिए राज्य सरकार ने हरियाणा में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी में और राहत जोड़ी है।
सरकार द्वारा इंडस्ट्री और एमएसएमई के लिए हाल ही में नई पॉलिसी लागू की है। जिसमें निवेश के लिए उद्योगपतियों को कई ऑफर दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य हरियाणा में 5 लाख 55 हजार करोड़ का निवेश और 10 लाख से ज्यादा रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।
ए-डी श्रेणी के ब्लॉकों में स्टार्टअप को 10 लाख सीड ग्रांट मिलेगी
आइडिया के वैलिडेशन, प्रोटोटाइप विकास और शुरुआती गतिविधियों के लिए ए से डी श्रेणी के ब्लॉकों में स्टार्टअप को 10 लाख रुपए तक सीड ग्रांट दी जाएगी।
महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए लीज रेंटल सब्सिडी 50% (अधिकतम 10 लाख तक) व 7 साल तक 100% नेट एसजीएसटी रींबर्समेंट जैसी विशेष सुविधाएं मिलेंगी।
घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट पंजीकरण के वास्तविक खर्च पर 100% (अधिकतम 25 लाख तक) की वित्तीय सहायता मिलेगी।
स्टोरेज के खर्च पर 5 साल तक 75% रींबर्समेंट दिया जाएगा।
स्थानीय स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अपनी वार्षिक विभागीय खरीद में 10% हिस्सा स्टार्टअप के लिए आरक्षित किया है, साथ ही टेंडर फीस व ईएमडी में भी छूट दी है।
कारोबार को आसान बनाने के लिए स्टार्टअप व Incubator को कई प्रमुख श्रम व औद्योगिक अधिनियमों के तहत सेल्फ-सर्टिफिकेशन की अनुमति होगी व बिना विशिष्ट शिकायत के निरीक्षणों से छूट दी गई है।
इसलिए जोड़े गए नए प्रावधान: सरकार को पिछली नीतियों के क्रियान्वयन को लेकर विभिन्न हितधारकों से सुझाव व सुधार के क्षेत्र में कई फीडबैक मिले थे। जिन पर विचार करके बदलाव किए गए हैं।
स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती देना: राज्य में स्टार्टअप व incubater के लिए सहज, मजबूत व अनुकूल माहौल तैयार करना, ताकि हरियाणा को प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।
व्यापार सुगमता को बढ़ावा देना: नियमों की पालना को सरल बनाना, जिससे उद्यमियों को अनावश्यक जटिलताओं से राहत मिल सके।
युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना: राज्य के युवाओं में स्वतंत्र सोच और नवाचार को बढ़ावा देकर उन्हें अलग-अलग चरणों में वित्तीय और बुनियादी ढांचागत सहायता प्रदान करना।