हरियाणा सरकार दे रही झींगा पालन पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऐसे मिलेगा लाभ
Udaipur Times, Haryana News, गुरुग्राम : मत्स्य पालन विभाग, जिला गुरुग्राम द्वारा शहरी क्षेत्र होने के बावजूद मत्स्य पालन की नई-नई गतिविधियों को सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में लगभग 70 एकड़ खारे पानी की भूमि पर झींगा पालन किया जा रहा है, जो रोजगार सृजन के साथ-साथ आय का एक सशक्त स्रोत बनकर उभर रहा है।
डीसी उत्तम सिंह ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि जिला में लगभग 40 एकड़ अतिरिक्त खारे पानी के क्षेत्र को भी झींगा/मत्स्य पालन के तहत लाया गया है। खारे पानी में झींगा पालन की एक फसल का समय 90 से 120 दिन होता है, जिसमें प्रति हेक्टेयर औसतन 7 से 9 टन उत्पादन प्राप्त होता है। इस उत्पादन के आधार पर प्रति फसल 10 से 15 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक लाभ अर्जित किया जा सकता है। मत्स्य पालन विभाग द्वारा झींगा एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए अधिकतम 14 लाख रुपये की लागत पर सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं महिलाओं के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। जिले के प्रगतिशील किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन रहे हैं।
डीसी ने बताया किे मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने हेतु कोल्ड स्टोरेज इकाइयों की स्थापना पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले के गांव ढोरका व कादरपुर में 10 टन और 50 टन क्षमता की दो कोल्ड स्टोरेज इकाइयों की स्थापना की गई है। साथ ही मछली/एक्वेरियम कियोस्क, फिश फीड मिल निर्माण तथा रेफ्रिजरेटेड-इंसुलेटेड फिश व्हीकल की खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन सभी गतिविधियों पर परियोजना लागत के अनुसार मत्स्य पालन विभाग द्वारा सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं महिलाओं को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है।
मत्स्य पालन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति जिला मत्स्य अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य किसान विकास एजेंसी, लघु सचिवालय (तीसरी मंजिल), कमरा नंबर 297-298, गुरुग्राम से संपर्क कर सकते हैं अथवा कार्यालय के दूरभाष नंबर 0124-2300115 पर संपर्क किया जा सकता है।
