हरियाणा में गेस्ट टीचर्स को नियमित करने को लेकर कोर्ट का बड़ा फैसला ! सरकार को भेजा नोटिस
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा के गेस्ट शिक्षकों से जुड़े मामले में 25 मई 2026 को दिए गए फैसले के खिलाफ दायर समीक्षा याचिका पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर 2026 को होगी।
क्या है मामला
नियमित रूप से नियुक्त पीआरटी, टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों की तरफ से याचिका दायर कर आरोप लगाया गया है कि मूल फैसले के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों और पुराने न्यायिक फैसलों को अदालत के समक्ष नहीं रखा गया था। याचिका में तर्क दिया गया है कि 18 सितंबर 2006 की नीति के अनुसार गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति केवल तत्काल शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था थी, न कि नियमित भर्ती का विकल्प। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अस्थायी नियुक्ति से किसी को सेवा में बने रहने या नियमित होने का स्वतः अधिकार नहीं मिलता।
नियमित शिक्षकों पर असर
यदि गेस्ट टीचर्स को विवादित फैसले के आधार पर नियमित किया जाता है तो इससे नियमित शिक्षकों के स्वीकृत पदों व भविष्य में मिलने वाली पदोन्नति पर सीधा असर पड़ेगा। याचिका में बलराज सिंह, बलदेव सिंह और अशोक कुमार जैसे पुराने मामलों का हवाला दिया गया है, जिनमें कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि अस्थायी नियुक्तियों को लगातार जारी रखना संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 का उल्लंघन कर सकता है। याचिकाकर्ताओं का यह भी दावा है कि हरियाणा गेस्ट टीचर्स सेवा अधिनियम, 2019 से जुड़े तथ्यों को अदालत से छिपाया गया है, जो न्याय प्रशासन के लिए गंभीर विषय है।
9 सितंबर को सुनवाई
कोर्ट ने समीक्षा याचिका पर नोटिस जारी कर अगली सुनवाई के लिए 9 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। साथ ही कुछ नए आवेदकों को प्रतिवादी के तौर पर शामिल करने की मांग वाली अर्जी पर भी नोटिस जारी कर दिया गया है।
