हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हरियाणा में सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहण जमीनों का मिलेगा अब इतना मुआवजा ?

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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हरियाणा में सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहण जमीनों का मिलेगा अब इतना मुआवजा ?

Udaipur Times, Haryana News, Sonipat : पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सोनीपत के राठधना गांव में सेक्टर 32 और 33 के बीच सड़क बनाने के लिए अधिग्रहित 23.77 एकड़ जमीन के मुआवजे को बढ़ाकर ₹1,29,47,200 प्रति एकड़ कर दिया है। जस्टिस जगमोहन बंसल ने जमीन मालिकों की अपील को मंजूरी दी और हरियाणा सरकार की अपील को खारिज कर दिया।

जमीन मालिकों और राज्य सरकार दोनों ने हाई कोर्ट में अपील दायर की

राज्य सरकार ने 13 अप्रैल 2010 को 'भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894' की धारा 4 के तहत राठधना गांव में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद, 11 अप्रैल 2011 को धारा 6 के तहत एक नोटिफिकेशन जारी किया गया। 15 मार्च 2013 को, भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ने जमीन की बाजार कीमत ₹80 लाख प्रति एकड़ तय की थी। इससे असंतुष्ट होकर, जमीन मालिकों ने धारा 18 के तहत रेफरेंस कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। 17 अगस्त 2019 को, रेफरेंस कोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर ₹86.60 लाख प्रति एकड़ कर दिया था।

इसके बाद, जमीन मालिकों और राज्य सरकार दोनों ने हाई कोर्ट में अपील दायर की। जमीन मालिकों के वकील ने तर्क दिया कि हाई कोर्ट ने उसी गांव और उसके आस-पास की जमीन के लिए लगभग उसी समय जारी एक और अधिग्रहण नोटिफिकेशन से जुड़े मामले में बाजार कीमत पहले ही ₹1,29,47,200 प्रति एकड़ तय कर दी थी। उस पुराने मामले में 30 अप्रैल 2008 की एक सेल डीड (बिक्री विलेख) को आधार बनाया गया था। 

हाई कोर्ट ने गौर किया कि उस सेल डीड वाली जमीन अभी अधिग्रहित की गई ज़मीन से लगभग छह एकड़ दूर थी। वहीं, राज्य सरकार द्वारा जिस सेल डीड का हवाला दिया गया था, उसके आधार के तौर पर इस्तेमाल होने से पहले ही हाई कोर्ट ने उसी इलाके में इसी तरह के मकसद के लिए हुए अधिग्रहण से जुड़े एक मामले में उसकी बाजार कीमत तय कर दी थी।

अधिग्रहित ज़मीन का बाज़ार मूल्य ₹1,29,47,200 प्रति एकड़ तय किया

कोर्ट ने पाया कि दोनों अधिग्रहण लगभग एक ही समय में हुए थे और दोनों का उद्देश्य एक ही था सेक्टर रोड का निर्माण। ऐसे हालात में, एक जैसी स्थितियों वाली जमीन के लिए अलग बाज़ार मूल्य तय करने का कोई ठोस आधार नहीं है। कोर्ट ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई 2024 को राज्य सरकार की उस 'स्पेशल लीव पिटिशन' (SLP) को खारिज कर दिया था, जिसमें पहले तय किए गए ₹1,29,47,200 प्रति एकड़ के बाज़ार भाव को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने माना कि इस मामले में भी वही दर लागू करना सही होगा।

इसके अनुसार, कोर्ट ने ज़मीन मालिकों की अपील को मंजूरी देते हुए रथधना गांव में अधिग्रहित जमीन का बाज़ार मूल्य ₹1,29,47,200 प्रति एकड़ तय किया और हरियाणा सरकार की अपील को खारिज कर दिया। तय किए गए बाजार मूल्य के अलावा, ज़मीन मालिकों को जमीन अधिग्रहण कानून के तहत मिलने वाले कानूनी लाभ भी मिलेंगे।

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