हरियाणा में HCS भर्ती पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, भर्ती प्रक्रिया के दौरान नहीं बदल सकेंगे कैटेगरी

 | 
हरियाणा में HCS भर्ती पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, भर्ती प्रक्रिया के दौरान नहीं बदल सकेंगे कैटेगरी

Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सिविल सेवा (HCS) एवं संबद्ध सेवाओं की भर्ती में फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी अपनी कैटेगरी नहीं बदल सकते। जानकारी के मुताबिक जस्टिस निधि गुप्ता ने उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें एक अभ्यर्थी ने आवेदन की अंतिम तिथि निकल जाने के बाद खुद को सामान्य वर्ग से पिछड़ा वर्ग ए में शिफ्ट करने की मांग की थी।

बदलाव संभव नहीं

मिली जानकारी के अनुसार अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि नई अधिसूचनाओं से पुरानी नियुक्तियों और प्रवेश प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जाएगा। नवंबर 2021 में सरकार ने नई अधिसूचना जारी की थी लेकिन वह भी इस मामले पर लागू नहीं होती। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता ने स्वेच्छा से सामान्य वर्ग चुना था। कानून की नजर में भर्ती विज्ञापन की शर्तें बाध्यकारी होती हैं, जिन्हें प्रक्रिया शुरू होने के बाद बदला नहीं जा सकता। Haryana News

अदालत ने तर्क दिया कि आवेदन की अंतिम तिथि (2 अप्रैल 2021) पर ही अभ्यर्थी की श्रेणी, शैक्षणिक योग्यता और पात्रता शर्तें तय हो जाती हैं। इसमें बदलाव की अनुमति नहीं दी जा सकती। Haryana News

ओबीसी में लाभ की मांग

जानकारी के मुताबिक HPSC ने 26 फरवरी 2021 को भर्ती का विज्ञापन निकाला था, जिसकी अंतिम तिथि 2 अप्रैल 2021 थी। याचिकाकर्ता ने तब सामान्य वर्ग में आवेदन किया था क्योंकि उस वक्त उनकी पारिवारिक आय 6 लाख से अधिक थी और वे क्रीमी लेयर के दायरे में आते थे। 24 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद उन्होंने अपनी कैटेगरी बदलने और पिछड़ा वर्ग का लाभ लेने की मांग की।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News